इटली में हमास फंडिंग नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, 9 लोग गिरफ्तार
इटली की आतंकवाद निरोधक पुलिस ने हमास फंडिंग मामले में 3 चैरिटी संगठनों से जुड़े 9 लोगों को गिरफ्तार किया आरोप है कि आरोपियों ने करीब 7 मिलियन यूरो की रकम हमास से जुड़े संगठनों तक पहुंचाई प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता बताया

Meloni: इटली की आतंकवाद निरोधक पुलिस ने हमास को फंडिंग करने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 3 चैरिटी संगठनों से जुड़े 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास को लाखों यूरो भेजने का आरोप है।आतंकवाद विरोधी अभियोजकों के मुताबिक, आरोपियों ने करीब 7 मिलियन यूरो (लगभग 74 करोड़ रुपये) की रकम गाजा, फिलिस्तीनी क्षेत्रों और इजरायल में मौजूद उन संगठनों को भेजी, जो या तो हमास के स्वामित्व में हैं, उसके नियंत्रण में हैं या उससे जुड़े हुए हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पहले से ही अपने सख्त आतंकवाद विरोधी रुख के लिए जानी जाती हैं और इस कार्रवाई को उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
EU देशों का भी मिला सहयोग
अभियोजकों ने बताया कि इस जांच में यूरोपीय संघ के कई अन्य देशों का सहयोग मिला। गिरफ्तार किए गए लोगों में मोहम्मद हन्नून भी शामिल है, जो इटली में फिलिस्तीनी एसोसिएशन का अध्यक्ष है। अभियोजकों के अनुसार, वह इटली में हमास संगठन की सेल का प्रमुख था। बताया गया कि अवैध फंडिंग को ‘ट्रायंगुलेशन ऑपरेशंस’ के जरिए भेजा गया, यानी बैंक ट्रांसफर और विदेशी संगठनों की मदद से पैसा गाजा तक पहुंचाया गया। ये वे संगठन हैं, जिन्हें इजरायल पहले ही हमास से जुड़े होने के चलते अवैध घोषित कर चुका है। गौरतलब है कि यूरोपीय संघ ने हमास को अपनी आतंकवादी सूची में शामिल कर रखा है।
गिरफ्तारी के बाद मेलोनी का बयान
गिरफ्तारियों के बाद प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें इस ऑपरेशन की सफलता पर गर्व है। उन्होंने कहा कि तथाकथित चैरिटी संगठनों की आड़ में आतंकी गतिविधियों को फंड किया जा रहा था और इस कार्रवाई से आतंकवाद के वित्तीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
पहले भी हो चुका है एक्शन
इटली के गृह मंत्री माटेओ पियांटेदोसी ने भी इस कार्रवाई को अहम बताते हुए कहा कि कुछ संगठन मानवता के नाम पर आतंकवाद को समर्थन दे रहे थे, जिनका अब पर्दाफाश हो गया है। हालांकि, इस मामले में आरोपियों या संबंधित संगठनों की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे पहले जनवरी 2025 में यूरोपीय परिषद ने हमास और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद को फंडिंग देने वाले 12 लोगों और 3 संस्थाओं पर लगे प्रतिबंधों को आगे बढ़ाने का फैसला किया था।



