यूपी में अनोखी भक्ति: पिंकी शर्मा ने श्रीकृष्ण की मूर्ति से की शादी
भक्ति और आस्था की अनोखी मिसाल बदायूं की पिंकी ने श्रीकृष्ण की मूर्ति से रचाई शादी वृंदावन यात्रा के बाद लिया जीवनभर का फैसला

यूपी के बदायूं क्षेत्र से भक्ति और प्रेम की एक अनोखी कहानी सामने आई है। यहां की रहने वाली पिंकी शर्मा भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में इस कदर डूब गईं कि उन्होंने यशोदानंदन को ही अपना जीवनसाथी मान लिया। पिंकी ने मथुरा-वृंदावन यात्रा के तीन महीने बाद श्रीकृष्ण की मूर्ति से विधि-विधान के साथ शादी कर ली।
प्रसाद में मिली अंगूठी बनी संकेत
पिंकी के मुताबिक, वह तीन महीने पहले वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर गई थीं। वहां प्रसाद के रूप में उन्हें सोने की एक अंगूठी मिली। इसे उन्होंने भगवान का संकेत और प्यार की स्वीकृति माना। इसी घटना के बाद उन्होंने भगवान की मूर्ति से विवाह करने का फैसला कर लिया।
सात फेरे और सभी हिंदू रीति-रिवाज पूरे
शनिवार को पिंकी ने पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी की सभी रस्में पूरी कीं। सात फेरे के दौरान श्रीकृष्ण की मूर्ति पिंकी की गोद में थी। अगले दिन प्रतीकात्मक रूप से उनकी ‘विदाई’ भी की गई। गांव के लोग पिंकी के परिवार की भूमिका में शामिल हुए, जबकि उनके जीजा इंद्रेश शर्मा ने भगवान कृष्ण के लिए ‘बाराती’ की जिम्मेदारी निभाई।
परिवार ने पहले किया विरोध, फिर दिखाई सहमति
पिंकी के पिता सुरेश चंद्र शर्मा का कहना है कि वे लंबे समय से बेटी के लिए योग्य वर की तलाश कर रहे थे, लेकिन पिंकी हमेशा कहती थी, “सब कुछ तभी होगा जब कृष्ण चाहेंगे।” अंततः परिवार ने उसकी आस्था और विश्वास को देखते हुए शादी के लिए हामी भर दी। शादी से दस दिन पहले वे वृंदावन जाकर श्रीकृष्ण की मूर्ति घर लेकर आए।
पिंकी बोली—पूरी जिंदगी कृष्ण के नाम
पिंकी का कहना है कि अब उनकी सिर्फ एक ही इच्छा हैवृंदावन में रहकर भक्ति, ध्यान और आध्यात्मिक सेवा में जीवन बिताना। उन्हें विश्वास है कि भगवान कृष्ण उनके जीवन की हर जरूरत पूरी करेंगे।
गांव वाले कहने लगे ‘मीरा’
शादी के बाद पिंकी अपने जीजा के घर रह रही हैं, जिसे प्रतीकात्मक तौर पर ‘कृष्ण का परिवार’ माना जा रहा है। गांव वाले उनकी गहरी भक्ति को देखकर उन्हें प्यार से ‘मीरा’ बुला रहे हैं। पिंकी का कहना है कि इस निर्णय के बाद उनकी जिंदगी बदल गई है और वह पूरी तरह कृष्ण प्रेम में समर्पित हो चुकी हैं।



