न्यायाधीशों का तनाव भरा काम, खुद को तरोताज़ा रखने पर CJI सूर्यकांत का जोर
न्यायाधीशों के लंबे और तनावपूर्ण काम को लेकर CJI ने जताई चिंता। मनोरंजन और स्पोर्ट्स गतिविधियों को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह। दिल्ली में शुरू हुई दो दिवसीय अखिल भारतीय न्यायाधीश बैडमिंटन चैंपियनशिप।

प्रधान न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि न्यायाधीशों की ड्यूटी लंबी और बेहद तनावपूर्ण होती है। ऐसे में उनके लिए ज़रूरी है कि वे अवकाश के समय में ऐसी गतिविधियाँ करें, जो उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताज़ा रख सकें। वे ‘अखिल भारतीय न्यायाधीश बैडमिंटन चैंपियनशिप’ के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। सीजेआई ने बताया कि कोर्ट के घंटों तक लगातार बैठे रहने से तनाव बढ़ता है। इसलिए हर न्यायाधीश को अपनी उम्र और क्षमता के हिसाब से कोई न कोई मनोरंजक गतिविधि अपनानी चाहिए। इससे न सिर्फ वे एनर्जी महसूस करेंगे, बल्कि अपने काम पर बेहतर फोकस भी कर पाएंगे। कार्यक्रम में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू और सुप्रीम कोर्ट के कई न्यायाधीश भी मौजूद थे। सीजेआई ने कहा कि हाई कोर्ट के जज इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल हुए हैं, जो बताता है कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हैं।
यह दो दिवसीय बैडमिंटन चैंपियनशिप दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई है। समापन और पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम रविवार को होगा, जिसकी अध्यक्षता पूर्व CJI बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ करेंगे। इस इवेंट का आयोजन पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी अबंतिका ने किया है।



