अल-फलाह यूनिवर्सिटी फिर विवादों में: इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बड़े खुलासे
अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम एक बार फिर आतंकी नेटवर्क से जुड़कर चर्चा में है। इंटेलिजेंस रिपोर्ट में खुलासा—पहले भी कई छात्र गंभीर धमाकों में शामिल रह चुके हैं। जयपुर, अहमदाबाद और गोरखपुर तक में ब्लास्ट करवाने वाले छात्र की भूमिका फिर सामने आई है।

नई दिल्ली: अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम एक बार फिर आतंकवादी कनेक्शनों को लेकर चर्चा में आ गया है। दिल्ली में 10 नवंबर को हुए धमाके के आरोपी डॉ. उमर नबी के इस यूनिवर्सिटी से जुड़े होने के बाद, इंटेलिजेंस एजेंसियों ने एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने रखा है—यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अल-फलाह से पढ़े कई छात्र गंभीर आतंकी घटनाओं में शामिल रहे हैं। इस रिपोर्ट में जानिए, वह कौन सा छात्र है जो जयपुर, अहमदाबाद और गोरखपुर तक में धमाके करवा चुका है।
अहमदाबाद ब्लास्ट का आरोपी भी अल-फलाह का छात्र था
इंडियन मुजाहिदीन का सक्रिय सदस्य मिर्जा शादाब बेग कभी अल-फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र था।2008 में उसने बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन) पूरा किया था और उसी साल अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में उसकी भूमिका उजागर हुई। पढ़ाई के दौरान ही वह हमलों की प्लानिंग में जुटा हुआ था। कई सालों से वह फरार है और सूत्रों के मुताबिक उसकी लोकेशन अफगानिस्तान बताई जाती है।
दिल्ली धमाके के बाद बढ़ी जांच
दिल्ली में 10 नवंबर की घटना के बाद फरीदाबाद के धौज स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी दोबारा जांच एजेंसियों के रडार पर है अल-फलाह की शुरुआत एक इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में हुई थी और 2014 में इसे यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला था। अब इंटेलिजेंस एजेंसियां उसके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।
जयपुर ब्लास्ट में भी था मिर्जा शादाब बेग का दखल
2008 के जयपुर धमाकों में विस्फोटक जुटाने का काम मिर्जा शादाब ने ही किया था। उडुपी में उसने रियाज और यासीन भटकल को डेटोनेटर और बेयरिंग दिए थे, जिनसे IED तैयार किए गए। इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग की समझ होने के कारण उसे IED बनाने का एक्सपर्ट माना जाता था।
अहमदाबाद धमाकों में रेकी से लेकर बम फिटिंग तक सब कुछ
अहमदाबाद ब्लास्ट से करीब 15 दिन पहले वह शहर में मौजूद था। उसने रेकी की, तीन टीमों के साथ प्लानिंग की और लॉजिस्टिक, IED फिटिंग और बम तैयार करने तक में सीधा रोल निभाया।
गोरखपुर धमाके—यहां भी नाम सामने आया
2007 में गोरखपुर में हुए सिलसिलेवार धमाकों में भी उसका नाम जुड़ा। इन धमाकों में 6 लोग घायल हुए थे और इंडियन मुजाहिदीन से लिंक सामने आने पर गोरखपुर पुलिस ने उसकी संपत्ति कुर्क कर दी थी।
अब तक फरार – आखिरी लोकेशन अफगानिस्तान
2008 में IM नेटवर्क भंडाफोड़ होने के बाद से वह फरार है। जयपुर, अहमदाबाद और गोरखपुर धमाकों में नाम आने पर उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। सूत्र कहते हैं।2019 में उसकी आखिरी लोकेशन अफगानिस्तान में मिली थी।



