दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण, सांस की बीमारियों में 25% तक उछाल, डॉक्टर बोले , “OPD खचाखच भरी”
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण ने स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है, सांस की बीमारियों में 25% तक उछाल, OPD मरीजों से भरी, डॉक्टरों ने सुबह की वॉक और आउटडोर एक्टिविटी से बचने की सलाह दी।

नई दिल्ली: दिल्ली की हवा एक बार फिर से जहरीली हो गई है। बढ़ते प्रदूषण के चलते राजधानी में सांस की बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पतालों की OPD अब मरीजों से भरी पड़ी है।
PGIMER के प्रोफेसर डॉ. पुलिन गुप्ता ने बताया कि हाल के दिनों में सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में 22-25% तक की बढ़ोतरी हुई है। लोगों में गले में खराश, नाक बहना, आंखों में जलन, सीने में भारीपन जैसी शिकायतें आम हो गई हैं।
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
डॉ. गुप्ता के अनुसार,
“ब्रॉन्काइटिस, अस्थमा और पुराने धूम्रपान करने वालों के लिए यह स्थिति और खतरनाक है। बुजुर्ग, पूर्व टीबी मरीज और फेफड़ों की पुरानी बीमारी वाले लोग विशेष सतर्क रहें।”
उन्होंने बताया कि ENT और स्किन से जुड़ी समस्याओं के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं। नाक बहना, नाक से खून आना, साइनस और आंखों में लालिमा जैसी दिक्कतें ज्यादा देखने को मिल रही हैं।
दिल्ली का AQI फिर बिगड़ा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत AQI 271 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। 5 नवंबर को यह आंकड़ा दोपहर 4 बजे 202 था।
बुरारी क्रॉसिंग: AQI 280
द्वारका सेक्टर-8: AQI 296
ITO: AQI 295
नरेला: AQI 302 (‘बहुत खराब’ श्रेणी)
बवाना: AQI 337 (‘बहुत खराब’)
दिलशाद गार्डन: AQI 183 (‘मध्यम’ श्रेणी)
डॉक्टरों की चेतावनी – “सुबह की वॉक फिलहाल छोड़ दें”
डॉ. भालोत्रा ने लोगों को चेतावनी दी है कि जब तक हवा में सुधार नहीं होता,
“सुबह-सुबह बाहर निकलने से बचें। जॉगिंग या भारी शारीरिक मेहनत न करें। सूरज निकलने के बाद ही, वह भी मास्क लगाकर टहलें।”
उन्होंने सरकार से हाइब्रिड वर्क (Hybrid Work) लागू करने की अपील भी की ताकि ट्रैफिक और वाहन प्रदूषण कम हो सके।
निचोड़
दिल्ली की हवा फिर से खतरनाक मोड़ पर है। डॉक्टरों ने साफ कहा है कि सावधानी ही सबसे बड़ा इलाज है ,मास्क पहनें, घर में एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करें और सुबह के समय बाहर निकलने से बचें।



