मदरसे में वर्जिनिटी सर्टिफिकेट विवाद: शाहजहां जेल भेजा गया, छात्रा की मौसी की कॉल से मचा बवाल
मुरादाबाद के मदरसे में छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मांगने वाले शाहजहां को जेल भेजा गया। मदरसा प्रबंधन का दावा है कि छात्रा की मौसी के संदेह भरे कॉल के बाद मेडिकल रिपोर्ट मांगी गई थी। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

मुरादाबाद: मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र स्थित मदरसा जामिया एहसान–उल–बनात में 13 वर्षीय छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट (कौमार्य प्रमाणपत्र) की मांग करने वाले एडमिशन सेल प्रभारी मो. शाहजहां को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर छात्रा के पिता की तहरीर पर केस दर्ज हुआ था। वहीं प्रधानाचार्य रहनुमा और अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
फीस के बाद मांगा गया था प्रमाणपत्र
चंडीगढ़ निवासी टेलर ने बताया कि उनकी बेटी मदरसे में आठवीं कक्षा में दाखिला लेने पहुंची थी। फीस के रूप में ₹35,000 जमा करने के बाद प्रधानाचार्य और एडमिशन प्रभारी ने वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मांगा। जब मेडिकल रिपोर्ट नहीं दी गई, तो स्टाफ ने अभद्रता की और मां–बेटी को मदरसे से धक्के देकर निकाल दिया।
मौसी की कॉल बनी विवाद की जड़
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दाखिले से पहले मदरसे को एक महिला का कॉल आया, जिसने खुद को छात्रा की मौसी बताया। उसने कहा कि छात्रा कुछ समय अपने पिता के साथ अकेली रही और संभव है कि उसके साथ कुछ गलत हुआ हो। इसी कॉल के बाद मदरसा प्रशासन ने मेडिकल रिपोर्ट मांगी थी।
पुलिस की लंबी पूछताछ और जांच
मामले की गंभीरता देखते हुए एसएसपी सतपाल अंतिल ने विशेष टीम गठित की। पुलिस ने दो घंटे तक मदरसे में पूछताछ की, स्टाफ और छात्राओं के बयान दर्ज किए और रिकॉर्ड खंगाले। जांच में कई नए नाम सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
विरोधाभासी बयान और विवाद
मदरसे के सचिव अरबाब शम्सी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि यह पति–पत्नी का विवाद है और मदरसे को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। जबकि उस्ताद मो. सलमान ने कहा कि यहां 400 से अधिक छात्राएं पढ़ती हैं, कभी ऐसी शिकायत नहीं हुई। सवाल उठ रहा है कि यदि किसी को संदेह था, तो पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई।



