UP के कौशांबी में दिल दहला देने वाली वारदात, दुष्कर्म पीड़िता किशोरी की बच्ची की हत्या
कौशांबी में दुष्कर्म पीड़िता किशोरी की नवजात बच्ची की हत्या से हड़कंप मच गया। मां और भाई पर हत्या का आरोप लगा है, दोनों फरार हैं। दुष्कर्म आरोपी जेल में है और पुलिस की लापरवाही पर दो अफसर निलंबित हुए हैं।

कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। सराय अकिल थाना क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म की शिकार 17 वर्षीय किशोरी की नवजात बच्ची का शव तालाब में मिला। पोस्टमॉर्टम में गला दबाकर और पटककर हत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस जांच में किशोरी की मां और सगे भाई की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। दोनों घटना के बाद से फरार हैं।
ट्यूमर समझा गया गर्भ, अर्धरात्रि में हुआ प्रसव
किशोरी के शरीर में हो रहे बदलाव को परिवार वाले ट्यूमर समझते रहे। 14 अक्टूबर की रात उसने दर्द से तड़पते हुए एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया। किशोरी ने बताया कि उसका चचेरा भाई वर्षों से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था और धमकाता था, जिससे वह डर के मारे चुप रही।
पुलिस की लापरवाही उजागर, दो अफसर निलंबित
17 अक्टूबर को परिवार ने कनैली चौकी में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई के बजाय समझौते का दबाव बनाया। बाद में मामला कोतवाली पहुंचा, पर वहां भी ढिलाई बरती गई। 21 अक्टूबर को नवजात का शव तालाब में मिला तो पूरे गांव में सनसनी फैल गई। एसपी राजेश कुमार ने लापरवाही बरतने पर थानाध्यक्ष आशुतोष सिंह और चौकी इंचार्ज राकेश राय को निलंबित कर दिया।
मां–भाई पर हत्या का मुकदमा, फरार आरोपी की तलाश
पुलिस जांच में सामने आया कि बच्ची जन्म के बाद जीवित थी, लेकिन परिवार ने समाजिक शर्म के डर से उसे खत्म करने की कोशिश की। मां और भाई पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और दोनों की तलाश जारी है।
दुष्कर्म आरोपी जेल में, डीएनए जांच जारी
दुष्कर्म के आरोपी चचेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उस पर पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। डीएनए जांच कराई जा रही है ताकि घटनाक्रम की पुष्टि हो सके। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।



