बड़ी खबर: IRCTC घोटाले में लालू यादव की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट बोला – “पूरा खेल उनकी जानकारी में रचा गया था”

CBI के मुताबिक, साल 2005-06 में रेल मंत्री रहते लालू प्रसाद यादव ने अपने खास कोचर बंधुओं को रांची और पुरी के दो IRCTC होटलों की लीज दिलाई।
लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ — इसके बदले में लालू परिवार ने पटना में 3 एकड़ जमीन ले ली। अब इसे आप ‘होटल के बदले ज़मीन’ वाला डील कह सकते हैं।

2017 में खुला पिटारा — CBI की रेड और FIR

7 जुलाई 2017 को CBI ने लालू, राबड़ी और कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की और 12 जगहों पर छापेमारी की।
CBI ने साफ कहा कि ये पूरा खेल लालू के रेल मंत्री रहते ही रचा गया — और इस दौरान टेंडर प्रक्रिया में जमकर गड़बड़ी हुई।

2018 में चार्जशीट दाखिल — पूरा परिवार घेरे में

16 अप्रैल 2018 को CBI ने लालू, राबड़ी और तेजस्वी यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। आरोप था कि यह सारा सौदा उसी दिन हुआ, जिस दिन रेलवे बोर्ड ने होटल्स को IRCTC के हवाले किया — यानी साजिश पहले से तैयार थी।

होटल टेंडर में हेराफेरी — कंपनी बदली, ज़मीन सस्ती बेची गई

CBI के मुताबिक कोचर बंधुओं की कंपनी ने यह सौदा DMCL के नाम से किया। 25 फरवरी 2005 को कोचर ने पटना की बेली रोड स्थित 3 एकड़ ज़मीन सिर्फ 1.47 करोड़ रुपए में खरीदी, जबकि उसकी मार्केट वैल्यू 1.93 करोड़ रुपए थी।
बाद में यही जमीन लालू परिवार की लारा प्रोजेक्ट्स कंपनी को सिर्फ 65 लाख रुपए में ट्रांसफर कर दी गई।
सर्कल रेट के हिसाब से इसकी कीमत करीब 32 करोड़ रुपए, जबकि मार्केट वैल्यू करीब 94 करोड़ रुपए थी!
यानी कुछ करोड़ के खेल में ज़मीन का पहाड़ निगल लिया गया।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी — लालू की जानकारी में सब कुछ हुआ

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला दिया —

“IRCTC टेंडर घोटाले की पूरी साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई। टेंडर में उनका हस्तक्षेप था, जिससे उनके परिवार को फायदा हुआ।”

यानि कोर्ट के शब्दों में, यह कोई ‘अंधेरे में खेला गया सौदा’ नहीं था — बल्कि सब कुछ लालू यादव की जानकारी और दखल में हुआ।

कोर्ट में हाजिरी — लालू व्हीलचेयर पर पहुंचे, राबड़ी और तेजस्वी साथ

सोमवार को लालू यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे। उनके साथ राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी मौजूद थे।
जब कोर्ट ने राबड़ी से पूछा — “क्या आप इन आरोपों को मानती हैं?”
राबड़ी ने जवाब दिया — “मैं किसी साजिश या धोखाधड़ी में शामिल नहीं हूं।”
तेजस्वी यादव और लालू दोनों ने भी यही कहा — “सारे आरोप गलत हैं।”

अब आगे क्या — केस ट्रायल स्टेज पर जाएगा

अब कोर्ट ने तीनों को आरोपी मानते हुए कहा कि मुकदमा चलेगा।
मतलब — अब बात आरोपों से आगे बढ़कर ट्रायल कोर्ट में सबूतों तक जाएगी।
वहीं, इसी दिन चल रहे लैंड फॉर जॉब्स केस का फैसला टल गया है — अब सुनवाई 10 मई को होगी।

राजनीतिक असर — चुनावी सीज़न में बड़ा झटका

बिहार चुनाव से पहले यह मामला लालू यादव और RJD के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है।
जहाँ एक तरफ RJD इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बता रही है, वहीं कोर्ट की टिप्पणियाँ साफ़ कहती हैं — “लालू की जानकारी में ही सारा घोटाला हुआ।”
अब जनता और विपक्ष दोनों की नज़रें आने वाली सुनवाई पर हैं।

घोटाला छोटा नहीं, भरोसे की बुनियाद हिलाने वाला है

IRCTC होटल घोटाले में टेंडर, रिश्वत, ज़मीन और सत्ता — सबका खेल एक साथ चला।
अगर अदालत में CBI के आरोप साबित होते हैं, तो यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग की सबसे बड़ी मिसाल बन जाएगी।
अब सवाल यही है — क्या “रेल मंत्री लालू” के पुराने खेल का टिकट आख़िरकार जेल यात्रा में बदल जाएगा?

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