बड़ी खबर: मौलाना के परिवार के हत्यारों की उम्र 14-15 साल, पहले हथौड़े से सर कूंचा, फिर गला रेता.. नाकाबिले-यकीन वजह!

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांगनोली गांव में शनिवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब मस्जिद में मौलाना की पत्नी और उनकी दो छोटी बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या करने वाले कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि मदरसे के दो नाबालिग छात्र (14 और 15 वर्ष) निकले। पुलिस जांच में सामने आया कि मौलाना ने सुबह दोनों की पिटाई की थी — और कुछ ही घंटों बाद छात्रों ने ‘बदले’ में यह खौफनाक वारदात अंजाम दी।

सुबह मौलाना ने छात्रों की पिटाई की, दोपहर में ली जान

जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह 9 बजे मौलाना इब्राहिम मुफ्ती ने मदरसे में पढ़ाई के दौरान दोनों छात्रों की गलती पर पिटाई की थी। इसके बाद वे अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के स्वागत के लिए देवबंद (सहारनपुर) चले गए।
करीब 1 बजे, दोनों छात्र मस्जिद में घुसे — उस वक्त मौलाना की पत्नी इसराना (30) और दोनों बेटियाँ सोफिया (5) और सुमैय्या (2) कमरे में सो रही थीं। आरोपियों ने हथौड़े से वार करके तीनों की हत्या कर दी, और फिर चाकू से गला रेत दिया, ताकि कोई जीवित न बच सके।

हत्या के बाद किया रोने-धोने का नाटक

वारदात के बाद आरोपी छात्र मस्जिद से भाग निकले, लेकिन जब आसपास के लोगों को ट्रिपल मर्डर की खबर लगी, तो दोनों आरोपी खुद लौट आए। उन्होंने भीड़ में शामिल होकर रोने और हंगामा करने का नाटक किया। जब पुलिस ने शुरुआत में मौलाना को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, तो यही छात्र “हमारे मौलवी साहब निर्दोष हैं” के नारे लगाने लगे।

पुलिस जांच में ऐसे खुला राज़

पुलिस को वारदात में लूटपाट का कोई एंगल नहीं मिला, जिससे मामला निजी रंजिश का लगा। मस्जिद के अंदर लगे CCTV कैमरे बंद थे, लेकिन गेट और आसपास के कैमरों में दोनों छात्र घटना से कुछ देर पहले मस्जिद में घुसते दिखे।
जब पुलिस ने दोनों से पूछताछ की, तो शुरुआत में उन्होंने टालमटोल की, लेकिन सख्ती के बाद दोनों टूट गए और गुनाह कबूल कर लिया।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

एसपी सूरज राय ने बताया कि दोनों आरोपी छात्र मदरसे के नियमित विद्यार्थी थे। मौलाना द्वारा पिटाई किए जाने से आहत होकर उन्होंने बदला लेने की ठान ली।
दोनों नाबालिग छात्रों को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेजने की तैयारी की जा रही है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, हालांकि शुरुआत में ग्रामीणों ने विरोध किया और पुलिस से झड़प भी हुई। बाद में अफसरों के समझाने पर स्थिति संभली।

मौलाना देवबंद में थे, लौटते ही लगा सदमा

वारदात के वक्त मौलाना देवबंद में अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के स्वागत में मौजूद थे। जैसे ही उन्हें सूचना मिली, वह तुरंत गांव लौट आए। उनकी आंखों के सामने घर का मंजर देखकर वह सदमे में चले गए।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी है।

गांव में मातम और सन्नाटा

गांगनोली गांव में इस तिहरे हत्याकांड के बाद मातम पसरा है। सैकड़ों लोग मस्जिद के बाहर जुटे रहे। ग्रामीणों ने आरोपियों के लिए सख्त सजा की मांग की है। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।

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