बड़ी खबर: बीमा रकम के लिए माँ-बाप और पत्नी की हत्या, 50 कंपनियों से 39 करोड़ का क्लेम.. एक गलती से फंसा शातिर!

मेरठ/हापुड़। उत्तर प्रदेश के मेरठ और हापुड़ से एक सनसनीखेज़ मामला सामने आया है। एक बेटे पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी, मां और पिता की संदिग्ध मौतों के बाद बीमा क्लेम के ज़रिए करोड़ों रुपये हड़पे। बीमा कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी बेटे और उसके एक दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। मामला अब हत्या और बीमा धोखाधड़ी की गहराई से जांच तक पहुँच गया है।
पत्नी की मौत से शुरू हुआ बीमा क्लेम का सिलसिला
पुलिस और FIR में दर्ज शिकायत के मुताबिक, मेरठ गंगानगर निवासी विशाल कुमार ने सबसे पहले अपनी पत्नी का बीमा कराया था। कुछ समय बाद पत्नी की मौत हो गई और विशाल को बीमा क्लेम के रूप में करीब 30 लाख रुपये मिले। यहीं से बीमा पॉलिसियों और क्लेम का पैटर्न शुरू हुआ।
मां की सड़क हादसे में मौत, 80 लाख का क्लेम
साल 2017 में विशाल अपनी मां प्रभा देवी को पिलखुवा लेकर गया था। इस दौरान कथित तौर पर उनकी बाइक का एक्सीडेंट हुआ और प्रभा देवी की मौत हो गई। इसके बाद विशाल ने कई बीमा कंपनियों से क्लेम किया और करीब 80 लाख रुपये हासिल किए।
पिता की गंगा स्नान से लौटते वक्त संदिग्ध मौत
27 मार्च 2024 को विशाल के पिता मुकेश सिंघल, जो मेरठ में फोटोग्राफर थे और उनका अपना स्टूडियो था, गढ़ गंगा स्नान के बाद लौट रहे थे। तभी सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। विशाल ने इस घटना पर भी बीमा क्लेम दाखिल किया।
मुकेश सिंघल के नाम पर 50 से ज़्यादा कंपनियों में बीमा पॉलिसियां थीं। उनकी वार्षिक आय महज़ 12-15 लाख रुपये थी, लेकिन बीमा राशि 39 करोड़ रुपये तक पहुँच गई थी।
बीमा कंपनी को हुआ शक, रिपोर्टों में विरोधाभास
बीमा कंपनी निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस को क्लेम प्रक्रिया के दौरान कई गड़बड़ियां दिखीं।
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हादसे का समय और अस्पताल की रिपोर्ट में बड़ा विरोधाभास पाया गया।
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आनंद अस्पताल और पोस्टमॉर्टम की चोटें सड़क हादसे से मेल नहीं खातीं।
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घटना कथित तौर पर सार्वजनिक जगह पर हुई, लेकिन कोई चश्मदीद गवाह सामने नहीं आया।
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इलाज के भुगतान में केवल नकद का इस्तेमाल हुआ, कोई डिजिटल ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड नहीं मिला।
रिश्वत देने और गवाह खरीदने के आरोप
कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि संजय कुमार ने पुलिस को बताया कि जांच के दौरान विशाल ने सहयोग नहीं किया।
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उसने कंपनी के अधिकारियों को रिश्वत देने की कोशिश की।
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पड़ोसियों और गवाहों के बयान पैसे देकर बदले गए।
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आधार और पैन कार्ड में उम्र और अन्य डिटेल्स में भी गड़बड़ियां पाई गईं।
FIR दर्ज, पुलिस ने शुरू की गहन जांच
इन सभी संदेहों और गड़बड़ियों के आधार पर निवा बूपा ने हापुड़ कोतवाली में FIR दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने विशाल और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और माता, पिता और पत्नी की मौतों की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस सभी एंगल पर मामले की तहकीकात कर रही है।



