पूर्व विधायक ‘मेवाराम जैन’ की पार्टी में वापसी होते ही एक और कांड, अश्लील वीडियो के बाद अब Audio वायरल!

कांग्रेस के पुनर्स्थापित नेता मेवाराम जैन का नाम हाल के महीनों में लगातार सुर्खियों में रहा — पहले जनवरी 2024 में वायरल हुए एक अश्लील वीडियो और दिसंबर 2023 में दर्ज गुलामी, POCSO समेत गंभीर आरोप। अब रिइंस्टेटमेंट के ठीक बाद एक ऑडियो कॉल वायरल हुआ है, जिसमें एक पार्टी वर्कर और मेवाराम के बीच बातचीत का क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस ऑडियो ने राजनीतिक और नैतिक बहस को फिर से तूल पकड़ने का कारण बना दिया है।

AICC ने की रद्दीकरण की मंजूरी — पार्टी नोटिस में क्या कहा गया?

कांग्रेस हाईकमान (AICC) की मंजूरी के बाद मेवाराम जैन की प्राथमिक सदस्यता बहाल कर दी गई है। पार्टी के नोटिस में कहा गया कि AICC अध्यक्ष ने पहले जारी निलंबन आदेश को रद्द करने की मंजूरी दे दी है और मेवाराम से अनुरोध किया गया है कि वे सक्रिय रूप से पार्टी के कामों में जुटें। पार्टी नोटिस का एक फोटो सोशल मीडिया पर पहले ही चर्चा में रहा है।

पुराने आरोप और निलंबन — मामला क्या था?

  • 20 दिसंबर 2023 को जोधपुर में एक महिला ने मेवाराम जैन के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज कराया; पुलिस ने 18 धाराओं के तहत केस दर्ज किया था, जिनमें POCSO की धाराएँ भी शामिल थीं।

  • 5 जनवरी 2024 को एक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष ने रातों-रात निलंबन का आदेश जारी किया। पार्टी ने कहा था कि मेवाराम का व्यवहार कांग्रेस के संविधान व नैतिक मूल्यों के विरुद्ध है।

  • मेवाराम जैन तीन बार विधायक रह चुके हैं; उन्हें कांग्रेस से टिकट भी कई बार मिला था, पर 2023 के चुनाव में वह हार गए थे।

वायरल ऑडियो कॉल का सार — क्या कहा जा रहा है?

सोशल मीडिया पर जो ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है, उसमें कथित तौर पर एक पार्टी कार्यकर्ता और मेवाराम जैन के बीच यह बातचीत सुनी जा सकती है:

  • कार्यकर्ता: “बधाई हो सर”

  • मेवाराम: “थैंक यू”

  • कार्यकर्ता: “कांग्रेस में आने पर हमें खुशी हुई, पर अबकी बार यह काले मोजे मत पहनना”

  • मेवाराम: “फोन कट… दरअसल जो वीडियो वायरल हुआ था उसमें नेटाजी काले रंग के सॉक्स पहने हुए थे।”

इस क्लिप में पार्टी वर्कर का तंज और मेवाराम का कथित प्रत्युत्तर दोनों ही सुने जा सकते हैं। इस ऑडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर चर्चा तेज हो गयी कि क्या इससे मेवाराम के पक्ष में कोई स्वीकारोक्ति मिली है या यह सिर्फ़ मज़ाकिया बयान है। फिलहाल इस ऑडियो की सत्यता और एडिटिंग-फ्री स्थिति स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुई है।

राजनीति और सामाजिक प्रभाव — क्यों यह मुद्दा संवेदनशील है?

  • मेवाराम पर पूर्व में दर्ज गंभीर आपराधिक आरोप और वायरल वीडियो के कारण उनका लोक-नैतिक चेहरा प्रश्नों के घेरे में था; अब रिइंस्टेटमेंट और वायरल ऑडियो ने कांग्रेस की पब्लिक इमेज पर प्रभाव डाला है।

  • ऑडियो का तंज या किसी प्रकार का स्वीकारोक्ति-स्वरूप बयान नैतिकता और नैतिक जवाबदेही के सवाल उठाता है — खासकर जब नेता पर यौन अपराध जैसे आरोप हों।

  • राजनीतिक तरीके से भी यह कांग्रेस के लिए संवेदनशील समय है — पार्टी को अपनी निर्णय-प्रक्रिया और आधार स्पष्ट रूप से बताना होगा ताकि जनविश्वास बना रहे।

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