बड़ी खबर: यूपी में PCS अधिकारी ने लगाई फांसी, छोटे भाई ने देखा पंखे से लटका शव तो.. वजह होश उड़ाने वाली!

प्रतापगढ़, यूपी। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तैनात जिला समाज कल्याण अधिकारी आशीष कुमार सिंह (40) ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। यह घटना प्रतापगढ़ जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के पूरे केशवराय गांव में घटी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पारिवारिक विवाद और पत्नी से चल रहे तनाव ने उन्हें इस कदम तक पहुंचाया।

परिवार से मिली जानकारी – पत्नी से विवाद और मानसिक तनाव

आशीष कुमार सिंह आजमगढ़ में समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात थे और वर्तमान में छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी क्षमता सिंह, जो सुल्तानपुर स्थित मायके में रहती हैं, से लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना के दिन गुरुवार सुबह ड्यूटी पर जाने से पहले फोन पर बातचीत के दौरान दोनों में झगड़ा हुआ। इसके बाद आशीष अपने कमरे में गए और दरवाजा अंदर से बंद कर फांसी लगा ली।

परिवार वालों ने बताया कि पत्नी के साथ विवाद पहले से चल रहा था और ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किए जाने की भी बात सामने आई है। पिछले कुछ महीनों से विवाद बढ़ गया था जिससे आशीष मानसिक रूप से परेशान रहते थे।

शव की जानकारी कैसे मिली?

आशीष के छोटे भाई रोहित ने बताया कि करीब 15-20 मिनट तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला। जब उन्होंने दरवाजा खटखटाया और आवाज नहीं आई तो खिड़की से झांककर देखा। अंदर आशीष गमछे के सहारे फंदे से लटकते मिले। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर परिवार और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला और जांच शुरू कर दी।

परिवार का दर्द – “परेशान किया जा रहा था”

आशीष के चाचा शिवजीत सिंह ने बताया कि पत्नी और उसके परिवार द्वारा लंबे समय से उन्हें परेशान किया जा रहा था। पिछले कुछ दिनों में यह अत्यधिक बढ़ गया था, जिससे आशीष तनाव में थे। वहीं, पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे कुछ लोगों ने यह भी बताया कि पत्नी क्षमता सिंह पति पर शराब पीकर मारपीट करने का आरोप लगाती थीं।

करियर और व्यक्तित्व – एक आदर्श अधिकारी

आशीष कुमार सिंह का परिवार काफी बड़ा है। उनके पिता रामबहादुर और मां पुष्पा सिंह के अलावा कुल पांच भाई-बहन हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है। आशीष बचपन से पढ़ाई में होनहार थे। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में करियर शुरू किया और हाल ही में पीसीएस परीक्षा पास कर समाज कल्याण अधिकारी बने। उनकी पहली तैनाती अमरोहा में और दूसरी आजमगढ़ में हुई थी।

सहकर्मियों ने बताया कि आशीष का व्यवहार बहुत सरल और सहयोगात्मक था। वह कभी किसी कर्मचारी को डांटते नहीं थे और सभी के साथ सम्मानपूर्वक पेश आते थे।

पुलिस की प्रतिक्रिया

सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने बताया कि मामले में पत्नी से विवाद की बात सामने आई है। परिजनों की शिकायत के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत

यह घटना घरेलू तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान न दिए जाने की गंभीर मिसाल है। समाज में पारिवारिक विवाद, प्रताड़ना और मानसिक तनाव के चलते कई बार लोग ऐसे कदम उठा लेते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या प्रशासन और परिवार मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को गंभीरता से ले रहे हैं?

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