बड़ी खबर: Nepal हिंसा में बड़े BJP नेता समेत 10 व्यापारी फंसे, विदेश मंत्रालय और PMO एक्टिव, होटल में छिपे!

नेपाल की राजधानी काठमांडू में मुजफ्फरनगर के भाजपा जिला संयोजक सुनील तायल समेत 10 व्यापारी फंसे हुए हैं। ये सभी 7 सितंबर को पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन के लिए गए थे, लेकिन वहां भड़की हिंसा के चलते इनकी यात्रा संकट में पड़ गई। भारत सरकार इन व्यापारियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
काठमांडू में भड़की हिंसा, व्यापारियों ने होटल में ली शरण
मंदिर दर्शन के बाद व्यापारी काठमांडू के बाजार में घूम रहे थे, तभी वहां सरकार विरोधी हिंसा शुरू हो गई। तनाव बढ़ते ही इंटरनेट और बिजली सेवाएं बाधित हो गईं। अपने सामान और पैसे छोड़कर ये सभी लोग पास के एक होटल में शरण लेने को मजबूर हुए। बुधवार सुबह परिजनों से फोन पर बात कर इन व्यापारियों ने असुरक्षा की स्थिति बताई और भारत लौटने की इच्छा जताई।
सरकार से संपर्क कर सुरक्षित वापसी का आश्वासन
उत्तर प्रदेश के कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मामले में सक्रियता दिखाई। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय से संपर्क कर मदद की मांग की। मंत्री ने कहा कि भारत सरकार की मदद से सभी व्यापारियों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा। साथ ही विदेश मंत्रालय भी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
फंसे व्यापारियों के नाम और स्थिति
फंसे व्यापारियों में प्रवीण गुप्ता, कुलदीप सिंह, पवन कुमार, वरुण धनखड़, भोपाल सिंह, सुशील त्यागी, आशु बंसल और सचिन गुप्ता शामिल हैं। सभी ने परिजनों से बात कर जल्द वापसी की आशा जताई है। परिवारजन भी लगातार प्रशासन से संपर्क में हैं और भारत सरकार से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।
भारत सरकार की नजर, मदद के लिए तैयार
भारत सरकार ने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार लगातार नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में है ताकि स्थिति पर नज़र रखी जा सके। विदेश मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि सभी व्यापारियों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
भारत सरकार की तत्परता और प्रशासन की सक्रियता से इन व्यापारियों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद जताई जा रही है। यह घटना पड़ोसी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने वाली है।



