Video: दवा लेने गई महिला को 6 लोगों ने जिंदा जलाया, खुद स्कूटी चलाकर अस्पताल पहुंची, फिर मौत..

फर्रुखाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 33 वर्षीय महिला निशा सिंह गंभीर रूप से जलकर अस्पताल पहुंची और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के पीछे प्रेम प्रसंग, मानसिक तनाव और साजिश जैसे कई पहलू सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में कई सवाल उठे हैं—क्या यह आत्महत्या थी या किसी ने जानबूझकर उसे जलाया? पूरे मामले की तहकीकात जारी है और परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर निशा सिंह स्कूटी चलाते हुए बिल्कुल सामान्य स्थिति में CCTV में दिखीं। लेकिन 43 मिनट बाद यानी 12 बजकर 25 मिनट पर वह जली हुई हालत में अस्पताल के सामने दिखाई दीं। उनके शरीर का अधिकांश हिस्सा झुलसा हुआ था जबकि कपड़े बदले हुए थे। अस्पताल में पहुंचते ही उन्होंने डॉक्टर से मदद की गुहार लगाई। डॉक्टरों ने हालत देख उनके पिता को फोन कर बुलाया और इलाज के लिए सैफई रेफर कर दिया। लेकिन हालत इतनी गंभीर थी कि दोपहर करीब 6 बजे उनकी मौत हो गई।
परिवार की दुखभरी कहानी
निशा सिंह का परिवार झिझुकी गांव, फर्रुखाबाद का रहने वाला है। 12 साल पहले उनकी शादी जल्लापुर निवासी अमित चौहान से हुई थी। उनके दो बच्चे हैं—रुद्र और शौर्य। परिवार खुशहाल था और किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था। लेकिन हादसे के बाद परिवार की स्थिति पूरी तरह से टूट गई। माता-पिता ने पुलिस से न्याय की मांग की है और आरोपी दीपक सिंह व उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
संदिग्ध कपड़े और सवालों की लंबी सूची
डॉक्टरों ने बताया कि निशा के शरीर पर पहले से जले कपड़े थे जबकि अस्पताल में उन्होंने जो कपड़े पहने थे—टी-शर्ट और कैफरी—वह बिल्कुल सही सलामत थे। बाल भी नहीं जले थे। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या किसी ने जलने के बाद उन्हें कपड़े पहनाए थे? क्या यह आत्महत्या का मामला है या कोई उन्हें जला कर अस्पताल ले गया? पुलिस अब हर पहलू की जांच कर रही है।
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प्रेम प्रसंग का एंगल और पुलिस जांच
निशा के पिता ने जहानगंज थाने में दीपक सिंह और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आरोप है कि दीपक ने अपनी हरकतों से परेशान कर निशा पर पेट्रोल डालकर आग लगाई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि निशा और दीपक के बीच लंबे समय से बातचीत होती थी। कॉल डिटेल में भी यह बात साबित हुई है कि हादसे से पहले आखिरी कॉल दीपक को ही गई थी।
CCTV में कैद दर्दनाक सच
घटना से जुड़ी CCTV फुटेज ने पुलिस को हैरान कर दिया है। एक फुटेज में निशा सामान्य हालत में दिखीं जबकि दूसरी में जली हुई। यह स्पष्ट करता है कि 43 मिनट के भीतर किसी बड़ी घटना ने उन्हें पूरी तरह बदल दिया। पुलिस ने उस स्थान को चिन्हित किया है जहाँ घटना हुई थी और आरोपी दीपक की मौजूदगी की भी पुष्टि की है।
परिवार की पुकार और समाज की जिम्मेदारी
निशा की मां शोभा देवी ने कहा कि परिवार पूरी तरह टूट गया है और उन्हें आरोपी का सिर चाहिए। वहीं पति अमित सिंह ने पुलिस की लगातार पूछताछ से परेशान होकर कहा कि उन्हें घटना का कोई अंदाज़ा नहीं था। समाज में ऐसे मामलों से जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है ताकि मानसिक तनाव, अवसाद और अपराधों से लोगों को बचाया जा सके।



