होर्मुज पर टकराव के बीच भारत के लिए राहत! ईरान ने खोला रास्ता, क्या अब नहीं होगी तेल-गैस की किल्लत?

भारत के लिए खुला होर्मुज का रास्ता मोदी की कूटनीति का दिखा असर तेल-गैस संकट से मिली राहत

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते को बंद कर दिया था, जिससे तेल और गैस की सप्लाई पर सीधा असर पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि कई देशों में महंगाई बढ़ने लगी और कुछ जगहों पर फ्यूल की राशनिंग तक करनी पड़ी। लेकिन अब इस संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि वह अपने मित्र देशों के जहाजों को होर्मुज के रास्ते सुरक्षित गुजरने देगा और इसमें भारत भी शामिल है।

 

भारत के लिए खास इंतजाम

मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूत सईद रजा मोसायब मोतलघ ने कहा कि भारत के साथ लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को देखते हुए ईरान भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दे रहा है। हाल ही में भारतीय एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ सुरक्षित भारत पहुंच भी चुके हैं, जिससे साफ है कि सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

 

भारत की संतुलित कूटनीति

इस पूरे संकट में भारत ने काफी संतुलित रुख अपनाया। एक तरफ अमेरिका और इजरायल जैसे रणनीतिक साझेदार हैं, तो दूसरी ओर ईरान से भी मजबूत संबंध हैं। ऐसे में भारत ने शुरुआत में चुप्पी साधी, लेकिन बाद में कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लगातार ईरान के नेताओं से बातचीत की और साफ संदेश दिया कि भारत शांति और स्थिरता चाहता है, न कि युद्ध।

 

मोदी की बातचीत के बाद दिखा असर

प्रधानमंत्री मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बातचीत के बाद हालात में तेजी से बदलाव देखने को मिला। भारतीय जहाजों का सुरक्षित होर्मुज पार करना और ईरान को भारत की ओर से मेडिकल सहायता भेजना, दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को दिखाता है।

 

ईरान को भारत से उम्मीद

ईरान अब चाहता है कि भारत इस संकट में बड़ी भूमिका निभाए। खासकर BRICS के मंच पर भारत से उम्मीद की जा रही है कि वह अमेरिका-इजरायल के साथ तनाव कम कराने में मदद करे।

 

क्यों अहम है ये पूरा मामला

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल रूट्स में से एक है। यहां थोड़ी भी रुकावट पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में भारत के लिए इसका खुला रहना बेहद जरूरी है। फिलहाल हालात धीरे-धीरे सामान्य होते दिख रहे हैं, लेकिन तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में भारत की कूटनीति इस पूरे क्षेत्र में बड़ा रोल निभा सकती है।

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