हैदराबाद: कट्टामैसम्मा देवी मंदिर के पास घटना से तनाव, आरोपी हिरासत में
मलकाजगिरी स्थित कट्टामैसम्मा देवी मंदिर के पास संदिग्ध घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। बीजेपी और हिंदू संगठनों ने धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू की, इलाके में भारी बल तैनात किया गया।

Telangana: हैदराबाद के मलकाजगिरी इलाके में स्थित कट्टामैसम्मा देवी मंदिर के पास उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब एक व्यक्ति को कथित तौर पर मंदिर परिसर के पास शौच करते हुए पकड़ा गया। स्थानीय बीजेपी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उस व्यक्ति को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के विरोध में बीजेपी और अन्य दक्षिणपंथी संगठनों ने प्रदर्शन भी किया।
हिंदू संगठनों का विरोध, धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप
घटना के बाद हिंदू संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह जानबूझकर हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश थी। उनका दावा है कि इससे पहले भी मंदिरों के आसपास इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसी के विरोध में मंदिर परिसर के पास धरना दिया गया।
पुलिस जांच जारी, आरोपी हिरासत में
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। कुछ संगठनों की ओर से दावा किया गया कि आरोपी स्थानीय निवासी नहीं है और उसके बैकग्राउंड को लेकर संदेह जताया गया है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मंदिर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न उत्पन्न हो।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष एन रामचंद्र राव का बयान
बीजेपी के तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने भी मौके का दौरा किया और घटना की निंदा की। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वह हिंदू धार्मिक स्थलों पर बार-बार हो रही घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। एन रामचंद्र राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि कट्टामैसम्मा मंदिर परिसर को अपवित्र करने की घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कांग्रेस, बीआरएस और तथाकथित धर्मनिरपेक्ष मीडिया की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा कि बीजेपी इस मुद्दे पर मूकदर्शक नहीं बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी हिंदू धर्म, मंदिरों और उनकी गरिमा की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगी और आस्था से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।



