स्मार्ट खेती और तकनीकी सहयोग से पंजाब में किसानों की आय बढ़ाने की पहल
स्मार्ट खेती और उन्नत कृषि मशीनरी पर भारत–दक्षिण कोरिया सहयोग छोटे और सीमांत किसानों के लिए खेती को लाभदायक बनाने पर जोर प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 से पहले साझेदारी मजबूत करने की पहल

Punjab news: पंजाब के छोटे और सीमांत किसानों के लिए खेती को दोबारा व्यवहारिक और लाभदायक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में उन्होंने चंडीगढ़ में दक्षिण कोरिया के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर स्मार्ट खेती, उन्नत कृषि मशीनरी और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का उद्देश्य घटते कृषि रकबे और खेती की कम होती लाभप्रदता जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी समाधान तलाशना रहा।
स्मार्ट खेती और तकनीकी सहयोग पर फोकस
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि दक्षिण कोरिया की आधुनिक कृषि तकनीक, खासकर स्मार्ट फार्मिंग और उन्नत मशीनीकरण, पंजाब के किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित भूमि वाले देशों में विकसित हुई वर्टिकल फार्मिंग और आधुनिक मशीनरी पंजाब की परिस्थितियों के अनुकूल है और इससे छोटे किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।
निवेश और औद्योगिक साझेदारी की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 13 से 15 मार्च 2026 तक मोहाली में आयोजित होने वाले प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 का उल्लेख करते हुए कोरियाई प्रतिनिधिमंडल को इसमें भाग लेने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन पंजाब और दक्षिण कोरिया के बीच औद्योगिक और निवेश साझेदारी को नई दिशा देने का मजबूत मंच बनेगा।
कृषि विरासत और चुनौतियों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। लेकिन भूमि के लगातार बंटवारे और घटते कृषि क्षेत्रफल के कारण खेती छोटे किसानों के लिए कम लाभकारी हो गई है। ऐसे में तकनीकी हस्तक्षेप ही खेती को टिकाऊ और लाभदायक बना सकता है।
भविष्य की साझेदारी को लेकर सकारात्मक संकेत
दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब की समृद्ध विरासत, निवेश के अनुकूल माहौल और मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत दृष्टिकोण की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के साथ कृषि और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग में गहरी रुचि दिखाई, जिससे निकट भविष्य में दोनों पक्षों के बीच ठोस और दीर्घकालिक साझेदारी के संकेत मिलते हैं।



