वायदा बाजार में सोना-चांदी चमके, कीमतों में जोरदार उछाल

MCX पर सोना 1.18% की तेजी के साथ 1,35,780 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा चांदी में भी जोरदार उछाल, मार्च डिलीवरी भाव 2.11% बढ़कर 2,12,844 रुपये प्रति किलो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस पार, सुरक्षित निवेश की बढ़ी मांग

सोना: वायदा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह 11:16 बजे फरवरी डिलीवरी वाले सोने का भाव पिछले सत्र के मुकाबले 1.18 फीसदी बढ़कर 1,35,780 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मार्च डिलीवरी के लिए चांदी की कीमत 2.11 फीसदी की तेज़ी के साथ 2,12,844 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। भारत में सोने की कीमतें रोज़ाना कई वैश्विक कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग-आपूर्ति का संतुलन, सप्लाई चेन में रुकावटें, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव शामिल हैं। इन्हीं कारणों से घरेलू बाजार में सोने-चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।

 

महानगरों में आज सोने का हाजिर भाव

goodreturns के मुताबिक, आज देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें इस प्रकार रहीं: दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹13,543 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹12,405 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹10,161 प्रति ग्राम पर बिक रहा है। मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव ₹13,528 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹12,400 प्रति ग्राम और 18 कैरेट ₹10,146 प्रति ग्राम दर्ज किया गया। कोलकाता में भी दाम मुंबई जैसे ही रहे, जहां 24 कैरेट सोना ₹13,528 प्रति ग्राम और 22 कैरेट ₹12,400 प्रति ग्राम पर है। चेन्नई में सोने की कीमतें थोड़ी ज्यादा रहीं। यहां 24 कैरेट सोना ₹13,615 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹12,480 प्रति ग्राम और 18 कैरेट ₹10,420 प्रति ग्राम पर पहुंच गया। बैंगलोर में 24 कैरेट सोना ₹13,528 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹12,400 प्रति ग्राम और 18 कैरेट ₹10,146 प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है।

 

 

ग्लोबल मार्केट में सोने ने बनाया रिकॉर्ड

सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों ने इतिहास रच दिया। tradingeconomics के मुताबिक, पहली बार सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया और अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेज़ी के पीछे अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव बड़ी वजह हैं। महंगाई के दबाव में कमी और अमेरिकी लेबर मार्केट में कमजोरी के संकेतों के चलते निवेशकों को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व अगले साल दो बार ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इसी वजह से सोना एक बार फिर सुरक्षित निवेश के तौर पर निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है।

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