रंग ए सूफियाना व 15 दिवसीय हज़रत शेख सलीम चिश्ती का उर्स संपन्न
सूफियाना रंग में डूबा फतेहपुर सीकरी, उर्स में उमड़ी आस्था की भीड़ गंगा-जमुनी तहज़ीब और भाईचारे का दिखा अद्भुत संगम सूफी संतों के प्रेम, सहिष्णुता और इंसानियत का दिया गया संदेश

Up news: फतेहपुर सीकरी (आगरा)। हजरत शेख सलीम चिश्ती फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित ‘रंग ए सूफियाना’ कार्यक्रम तथा 15 दिवसीय उर्स मुबारक, हज़रत शेख सलीम चिश्ती का 456वां सालाना आयोजन अत्यंत श्रद्धा, आध्यात्मिकता और भव्य व्यवस्थाओं के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस मौके पर सूफी संगीत की धूम दिखाई दी। देश-विदेश से आए लाखों अकीदतमंदों ने मन्नत के धागे बांधे और सूफी परंपरा का लुत्फ उठाया। दरगाह का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, प्रेम और भाईचारे से सराबोर रहा।
मुख्य अतिथि और आयोजन की अध्यक्षता
मुख्य अतिथि के रूप में सांसद राजकुमार चाहर उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता दरगाह के सज्जादानशीन पीरज़ादा अरशद फरीदी चिश्ती ने की। उर्स मुबारक सज्जादानशीन पीरज़ादा अयाज़ुद्दीन चिश्ती उर्फ़ रईस मियां की सरपरस्ती में आयोजित हुआ।
सांसद राजकुमार चाहर का संबोधन
इस अवसर पर सांसद राजकुमार चाहर ने गंगा-जमुनी तहज़ीब को बढ़ावा देने पर ज़ोर देते हुए कहा कि मुसलमानों को विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हज़रत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह से हमेशा दुआओं और बरकतों का सिलसिला जारी रहा है और ‘रंग ए सूफियाना’ जैसे कार्यक्रम आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करते हैं।
सूफी संदेश पर पीरज़ादा अरशद फरीदी चिश्ती के विचार
पीरज़ादा अरशद फरीदी चिश्ती ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि सूफी संतों का संदेश सार्वभौमिक है, जो प्रेम, सहिष्णुता और मानवता पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह दरगाह सदियों से शांति, प्रेम और राष्ट्रीय एकता का केंद्र रही है, जहां हर धर्म और समुदाय के लोग बिना किसी भेदभाव के आते हैं। उन्होंने भविष्य में इस कार्यक्रम को और अधिक भव्य रूप से आयोजित करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
उर्स के दौरान विविध धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन
यह 15 दिवसीय उर्स विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से भरपूर रहा, जिसमें उद्घाटन सत्र, सूफी विचार गोष्ठी, फातिहा, कव्वाली, चादरपोशी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ईद मिलन समारोह और एक भव्य ऑल इंडिया मुशायरा शामिल था।
मुशायरा और शायरों की प्रस्तुति
इस मुशायरे में देश के प्रसिद्ध शायरों एवं कवियों ने अपने कलाम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। माजिद देवबंदी, मंज़र भोपाली, मोईन शादाब ने शानदार प्रस्तुति दी, जबकि एंकर शाज़िया अलीम, अलंकृत श्रीवास्तव और अभिषेक तिवारी ने अपनी मधुर आवाज़ में शायरों का परिचय प्रस्तुत किया।
सूफी संगीत और विशेष प्रस्तुतियां
इसके अलावा मशहूर सूफी गायिका डॉ. नीता पांडे और सैयद साहिल आगा ने अमीर ख़ुसरो, कबीर और बाबा फरीदुदीन मसऊद गंज शकर के कलाम पर आधारित सूफियाना दास्तानगोई प्रस्तुत कर दर्शकों से खूब सराहना प्राप्त की। इंग्लैंड के सूफी लेखक शाज़ ख़ान की पुस्तक ‘डिवाइन लव’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन दूरदर्शन की एंकर सादिया अलीम ने किया।
गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल
उल्लेखनीय है कि उर्स के अवसर पर इस प्रकार का सूफियाना कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसे लोगों ने गंगा-जमुनी तहज़ीब की सुंदर मिसाल बताया।
समापन ‘कुल’ की रस्म के साथ
समापन के अवसर पर ‘कुल’ की रूहानी रस्म अदा की गई, जिसमें अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। पीरज़ादा अरशद फरीदी चिश्ती ने तड़के दरगाह में हाज़िरी देकर इस रस्म को अदा किया। इस दौरान विभिन्न धर्मों और वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जो सूफी संतों के प्रेम, सहिष्णुता और भाईचारे के संदेश का जीवंत उदाहरण है।



