मुरादाबाद में चार मंज़िला इमारत पर चढ़ा युवक: “रिश्वत बंद करो… नहीं तो मैं कूद जाऊंगा!”
भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच युवक का ऑफिस की छत पर चढ़कर हंगामा रिश्वत न देने पर लाभ रोकने का आरोप, प्रशासन में हड़कंप अधिकारियों ने जांच का भरोसा देकर युवक को उतारा नीचे

DLC OFFICE MURADABAD: मुरादाबाद में गुरुवार दोपहर एक युवक ने डिप्टी लेबर कमिश्नर (DLC) ऑफिस की चार मंजिला इमारत पर चढ़कर हंगामा खड़ा कर दिया। युवक का कहना था कि उसे श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ पाने के लिए अधिकारियों द्वारा रिश्वत देने को मजबूर किया जा रहा है। लगभग 40 मिनट तक चली इस हाई वोल्टेज ड्रामे ने पूरे कार्यालय को हिला दिया।
युवक की पहचान और आरोपों की शुरुआत
लोकेश नामक यह युवक कांठ थाना क्षेत्र के सिरौली गांव का रहने वाला है। छत पर चढ़कर वह जोर-जोर से चिल्ला रहा था वादा करो घूस नहीं लोगे नहीं तो मैं कूदकर जान दे दूंगा उसकी आवाज सुनते ही ऑफिस के कर्मचारी और आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। कई बार समझाने के बाद भी लोकेश अपनी बात पर अडिग रहा मैं सरकारी योजना का हकदार हूं इसके लिए रिश्वत नहीं दूंगा।
सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप
लोकेश ने बताया कि उसने श्रम विभाग की दो योजनाओं के तहत आवेदन किया था पहली मातृ एवं शिशु बालिका सहायता योजना और दूसरी गंभीर बीमार श्रमिक परिवार सहायता योजना। उसकी पत्नी हैपेटाइटिस बी की मरीज है और उसने इलाज व बच्चों की पढ़ाई के लिए सहायता मांगी थी। आरोप के अनुसार संबंधित अधिकारी जसवंत नाम के कर्मचारी ने उससे कहा कि आवेदन तभी मंजूर होगा जब वह योजना की रकम का आधा हिस्सा उन्हें देगा। मैंने मना कर दिया। यह पैसा श्रमिकों के लिए है अधिकारियों की जेब भरने के लिए नहीं लोकेश ने कहा। उसने आगे आरोप लगाया कि उसके गांव के कई श्रमिकों से भी इसी तरह से पैसे वसूले गए हैं।
अफसरों की सफाई और जांच का भरोसा
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। काफी प्रयासों के बाद डिप्टी लेबर कमिश्नर दीप्तिमान भट्ट स्वयं पहुंचे और युवक को नीचे उतरने के लिए मनाया। उन्होंने उसे आश्वासन दिया कि उसके आवेदन और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी। इसके बाद युवक शांत हुआ और नीचे आ गया।
प्राथमिक जांच में मिला विभाग का पक्ष
दफा कार्यालय के अफसर ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि युवक का आवेदन पात्रता के आधार पर निरस्त किया गया था। उन्होंने कहा लोकेश ने अपने दस्तावेज़ों में बताया है कि वह कृषि कार्य करता है। जबकि यह योजना केवल पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए है। इसके बावजूद हम उसकी शिकायत की छानबीन करवाएंगे। यदि वह श्रमिक पाया गया तो उसे योजना का लाभ दिलाया जाएगा।



