मुंबई: डुप्लीकेट AB फॉर्म पर नामांकन, चुनाव आयोग की भूमिका पर उठे सवाल
मुंबई महानगरपालिका चुनाव में AB फॉर्म को लेकर बड़ा विवाद सामने आया बीजेपी की बागी नेता पर डुप्लीकेट AB फॉर्म लगाने का आरोप चुनाव आयोग द्वारा फॉर्म स्वीकार किए जाने से मचा राजनीतिक घमासान

Maharashtra: मुंबई से महानगरपालिका चुनाव से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बीजेपी से टिकट न मिलने के बाद पार्टी की एक बागी नेता ने कथित तौर पर डुप्लीकेट AB फॉर्म के सहारे नामांकन दाखिल कर दिया और हैरानी की बात यह है कि चुनाव आयोग ने उसे स्वीकार भी कर लिया।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना मुंबई के वार्ड नंबर 173 की है। बीजेपी नेता शिल्पा केलुस्कर ने पार्टी का आधिकारिक AB फॉर्म न मिलने पर विरोध जताया और डुप्लीकेट AB फॉर्म संलग्न कर नामांकन भर दिया। मामला सामने आने के बाद मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने चुनाव आयोग से इसकी औपचारिक शिकायत की और नामांकन रद्द करने की मांग की।
AB फॉर्म पहले दिया, फिर वापस लिया गया
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने शुरुआत में शिल्पा केलुस्कर को AB फॉर्म जारी किया था, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया। इसके बाद शिल्पा केलुस्कर ने कथित तौर पर डुप्लीकेट AB फॉर्म तैयार कर नामांकन के साथ जोड़ दिया। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इस संबंध में चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब आगे क्या?
इस प्रकरण ने न सिर्फ पार्टी के भीतर अनुशासन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में जांच और सत्यापन की मजबूती पर भी बहस छेड़ दी है। चुनाव आयोग के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।



