मिडिल ईस्ट तनाव का असर: महाराष्ट्र के कई जिलों में गैस किल्लत, लंबी कतारें और कालाबाजारी की शिकायतें
मिडिल ईस्ट तनाव का असर भारत तक, महाराष्ट्र में गैस किल्लत की खबरें जलगांव में पुरानी बुकिंग पर भी ₹60 अतिरिक्त वसूली का आरोप पैनिक बुकिंग और लंबी कतारों के बीच सरकार ने कहा स्टॉक पर्याप्त

नई दिल्ली/महाराष्ट्र: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय रसोई तक पहुंचने लगा है। महाराष्ट्र के कई जिलों से एलपीजी गैस की किल्लत, कालाबाजारी और पैनिक बुकिंग की खबरें सामने आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात का हवाला देकर कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, जबकि आम लोगों को सिलेंडर के लिए घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा चुके हैं।
जलगांव: पुरानी बुकिंग पर भी ₹60 ज्यादा वसूली का आरोप
जलगांव में गैस एजेंसियों के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी है। ग्राहकों का आरोप है कि 7 मार्च से गैस सिलेंडर के दाम में ₹60 की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन एजेंसियां उन लोगों से भी बढ़ी हुई कीमत वसूल रही हैं जिन्होंने कीमत बढ़ने से पहले ही बुकिंग करा ली थी। नियम के मुताबिक बुकिंग के समय जो कीमत होती है, वही लागू होती है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिरिक्त पैसे न देने पर सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी जा रही है। आरोप है कि कुछ एजेंसियां ईरान-अमेरिका तनाव का फायदा उठाकर कालाबाजारी कर रही हैं।
अकोला: महंगी गैस से फिर जले मिट्टी के चूल्हे
अकोला में स्थिति और गंभीर बताई जा रही है। गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और सब्सिडी में कमी के कारण ग्रामीण इलाकों में महिलाएं फिर से लकड़ी और मिट्टी के चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर हो रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घरेलू गैस सिलेंडरों को होटलों और ढाबों में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए गैस की कमी पैदा हो रही है। ग्रामीण महिलाओं ने सरकार से जल्द कीमतें नियंत्रित करने और कालाबाजारी रोकने की मांग की है।
रत्नागिरी और कोल्हापुर: पैनिक बुकिंग से लंबी कतारें
मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने की आशंका के बीच कई लोग गैस सिलेंडर का अतिरिक्त स्टॉक जमा करने लगे हैं। रत्नागिरी में ‘शांतादुर्गा गैस एजेंसी’ समेत कई केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोगों को डर है कि अगर युद्ध और बढ़ा तो गैस सप्लाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि एजेंसियों का कहना है कि स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन कई ग्राहकों का दावा है कि बुकिंग के 15 दिन बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल रही। कोल्हापुर के राजारामपुरी जैसे इलाकों में भी गैस एजेंसियों के बाहर भारी भीड़ देखी जा रही है।
सरकार का दावा: घबराने की जरूरत नहीं
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और लोगों की चिंता को देखते हुए केंद्र सरकार ने स्थिति पर नजर रखने की बात कही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू उपयोग के लिए आरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने दो गैस बुकिंग के बीच 25 दिनों का अंतर अनिवार्य कर दिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ऊर्जा आपूर्ति के मामले में “सुविधाजनक स्थिति” में है और आयात सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर जमा न करें, क्योंकि देश में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है।



