बजट 2026: रेलवे को अब तक का सबसे बड़ा तोहफ़ा, 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
बजट 2026 में रेलवे को ऐतिहासिक बढ़ावा 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान आम आदमी के लिए हवाई सफर का विकल्प

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। बजट 2026 में किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे पर खास फोकस रखा गया है। रेलवे सेक्टर को इस बजट में ऐतिहासिक बढ़ावा मिला है। वित्त मंत्री ने देशभर में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। इनमें हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे अहम रूट शामिल हैं। सरकार का कहना है कि ये कॉरिडोर आम लोगों के लिए हवाई यात्रा का किफायती विकल्प बनेंगे।
रेलवे के लिए ₹2.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट
रेल मंत्रालय ने बजट 2026-27 को लेकर बयान जारी करते हुए बताया कि रेलवे को ₹2,78,030 करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन मिला है। मंत्रालय के अनुसार, यह आवंटन दीर्घकालिक विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम है।
ये होंगे देश के 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
पर्यावरण के अनुकूल और तेज़ यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने जिन सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है, वे इस प्रकार हैं: 1. मुंबई – पुणे, 2. पुणे – हैदराबाद, 3. हैदराबाद – बेंगलुरु, 4. हैदराबाद – चेन्नई, 5. चेन्नई – बेंगलुरु, 6. दिल्ली – वाराणसी, 7. वाराणसी – सिलीगुड़ी। सरकार का कहना है कि ये कॉरिडोर शहरों के बीच ‘ग्रोथ कनेक्टर’ के रूप में काम करेंगे और आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देंगे।
नया स्पेशल फ्रेट कॉरिडोर भी प्रस्तावित
हाई-स्पीड पैसेंजर कॉरिडोर के साथ-साथ बजट में एक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का भी प्रस्ताव रखा गया है। यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत तक बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य माल ढुलाई के लिए पर्यावरण अनुकूल और सतत परिवहन को बढ़ावा देना है। फिलहाल अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम जारी है, वहीं ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी अलग-अलग राज्यों में निर्माणाधीन हैं।



