पालघर में दिल दहला देने वाली हत्या, पति और ननद ने मिलकर महिला को उतारा मौत के घाट
विरार में महिला की नृशंस हत्या, पति और ननद गिरफ्तार छह साल की मासूम बेटी बनी वारदात की आंखों देखी गवाह घरेलू हिंसा का पुराना इतिहास, पुलिस को शक था पहले से साजिश का

Maharashtra case: महाराष्ट्र के पालघर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। विरार स्थित एक आवासीय सोसायटी में 36 वर्षीय महिला की उसके ही पति और ननद ने बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस का मानना है कि हत्या पूरी तरह पूर्वनियोजित थी और बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई। मृतका की पहचान कल्पना सोनी के रूप में हुई है। उनकी शादी साल 2015 में महेश सोनी से हुई थी और वह अपने पति तथा छह वर्षीय बेटी के साथ विरार में रह रही थीं।
डर के मारे कंबल में छिप गई मासूम बच्ची
परिजनों के मुताबिक, हत्या के वक्त कल्पना अपनी बेटी के साथ बेडरूम में सो रही थीं। अचानक हमला शुरू हुआ। पूरी घटना कल्पना की छह साल की बेटी ने अपनी आंखों से देखी। डर के मारे वह कंबल के नीचे छिप गई। जब उसने अपनी मां को बचाने की कोशिश की, तो आरोपी पिता ने उसे घसीटकर दूसरे कमरे में बंद कर दिया ताकि हमला जारी रह सके।
ननद ने नकली पहचान से सोसायटी में की एंट्री
पुलिस को जांच में पता चला है कि कल्पना की ननद दीपाली सोनी, जो मुलुंड में रहती है, ने अपनी पहचान छिपाकर सोसायटी में प्रवेश किया। संदेह से बचने के लिए उसने खुद को सीमा शर्मा नाम की नर्स बताया और सुरक्षा कर्मियों को गुमराह किया।
पहले बेहोश किया, फिर जहरीला इंजेक्शन और मूसल से हमला
मृतका के पिता बाबूलाल सोनी का आरोप है कि पहले कल्पना को क्लोरोफॉर्म देकर बेहोश किया गया। इसके बाद उन्हें जहरीला इंजेक्शन दिया गया। जांच में सामने आया है कि इसके बाद रसोई में इस्तेमाल होने वाले भारी मूसल से उनके सिर और सीने पर कई वार किए गए, जिससे उनकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई।
सबूत मिटाने की कोशिश, हादसे की बनाई कहानी
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। कल्पना के चेहरे पर मोटी फाउंडेशन लगाई गई ताकि चोटों के निशान छिपाए जा सकें। खून से सनी साड़ी बदली गई, सिंदूर और लिपस्टिक लगाई गई और फिर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में आरोपियों ने डॉक्टरों को बताया कि कल्पना बाथरूम में फिसल गई थीं। हालांकि डॉक्टरों को कहानी पर शक हुआ और उन्होंने तुरंत बोलिंज पुलिस को सूचना दी।
एंबुलेंस ने किया इनकार, ऑटो से ले गए अस्पताल
परिजनों के मुताबिक, पहले एंबुलेंस बुलाई गई थी लेकिन स्टाफ को कुछ गड़बड़ लगी और उन्होंने शव ले जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ऑटोरिक्शा से कल्पना को अस्पताल ले गए और इस तरह बैठाया जैसे वह जिंदा हों। रास्ते में शरीर से खून की बूंदें फर्श पर गिरती रहीं।
बच्ची का बयान जांच की सबसे अहम कड़ी
मृतका के मामा मनोहर सोनी ने बताया कि बाद में बच्ची ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी परिवार को दी। पुलिस का कहना है कि बच्ची का बयान इस मामले की सबसे अहम कड़ी है। उसका औपचारिक बयान दर्ज कराने के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति ली जा रही है।
पुराने विवाद और घरेलू हिंसा का इतिहास
पुलिस के अनुसार, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। साल 2019 में कल्पना ने राजस्थान के सिरोही थाने में पति और ससुराल वालों के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था। उस समय पति, सास और ननद को गिरफ्तार भी किया गया था। साल 2021 में समझौते के बाद दोनों फिर साथ रहने लगे।
आरोपी पुलिस हिरासत में
बोलिंज पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक प्रकाश कांबले ने बताया कि महेश और दीपाली को गिरफ्तार कर वसई कोर्ट में पेश किया गया है। अदालत ने दोनों को 2 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। हत्या में इस्तेमाल हथियार की तलाश जारी है।



