जब IIT और IAS भी पीछे छूट गए, संगीत बन गया जीवन की राह
IIT और IAS जैसी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बाद कशिश मित्तल ने चुना अपने दिल का रास्ता। प्रशासनिक सेवा छोड़कर उन्होंने संगीत और रचनात्मकता को बनाया अपनी पहचान। आज उनकी आवाज़ और सफर, दोनों ही लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।

भारत में नीट, यूपीएससी और जेईई एडवांस्ड जैसी परीक्षाएं पास करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इनमें से किसी एक में सफलता मिल जाए, तो व्यक्ति को समाज में सम्मान की नजर से देखा जाता है। लेकिन क्या हो, जब कोई शख्स इनमें से दो परीक्षाएं अव्वल दर्जे से पास कर ले, और फिर भी तयशुदा रास्ता छोड़ दे? हम बात कर रहे हैं IAS कशिश मित्तल की, जिन्होंने पहले IIT-JEE में टॉप रैंक हासिल कर IITian बनने का गौरव पाया और फिर बेहद कम उम्र में UPSC पास कर IAS अधिकारी बने। करियर के शिखर पर पहुंचने के बावजूद कशिश ने वह रास्ता चुना, जहां उनका दिल बसता था—संगीत।
बी प्राक के साथ वायरल हुआ वीडियो
हाल ही में कशिश मित्तल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कशिश मरून कुर्ते में पूरी तल्लीनता के साथ गाते नजर आते हैं, जबकि उनके पास मशहूर बॉलीवुड सिंगर बी प्राक बैठे हैं। बी प्राक आंखें बंद कर कशिश की गायकी को महसूस करते दिखते हैं। इस वीडियो में प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय भी मौजूद हैं, जो भक्ति भाव में डूबे हुए नजर आते हैं। यह कोई स्टेज परफॉर्मेंस नहीं, बल्कि एक आत्मीय जैमिंग सेशन जैसा लगता है, जहां संगीत शब्दों से ज्यादा भावनाओं में बहता दिखता है।
लोगों का दिल जीत रही है कशिश की आवाज
इस वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दिल छू लेने वाली हैं। किसी ने लिखा: “अद्भुत, अद्वितीय, अपूर्व।” तो किसी ने कहा, “इतनी शांति बहुत कम आवाज़ों में मिलती है।” एक यूज़र ने भावुक होकर लिखा कि जिस व्यक्ति ने कभी देश की जिम्मेदारी संभाली, वही आज संगीत के जरिए भावनाओं को इतनी गहराई से व्यक्त कर रहा है—यह अपने आप में प्रेरणादायक है।
IIT, IAS और फिर संगीत, एक असाधारण सफर
कशिश मित्तल की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। IIT दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में बीटेक, JEE में ऑल इंडिया 6वीं रैंक, और फिर महज 21 साल की उम्र में IAS अधिकारी। लेकिन यह सब कशिश का अंतिम सपना नहीं था। उनका मन तो हमेशा तानपुरे, रियाज़ और रागों में बसता रहा।
बचपन से ही संगीत से गहरा रिश्ता
1989 में जालंधर में जन्मे कशिश ऐसे परिवार में पले-बढ़े, जहां अनुशासन भी था और संगीत भी। उनके पिता वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं, जबकि मां संगीता मित्तल ने उन्हें बचपन से संगीत की ओर प्रेरित किया। आठ साल की उम्र में शास्त्रीय संगीत की शुरुआत, और महज 11 साल की उम्र में हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर प्रस्तुति—यह साफ संकेत था कि संगीत कशिश के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। वे आगरा घराने से ताल्लुक रखते हैं और पंडित यशपाल से गुरु-शिष्य परंपरा में तालीम ली है। आज वे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के A-ग्रेड कलाकार हैं और ICCR से भी मान्यता प्राप्त कर चुके हैं।
प्रशासनिक सेवा में भी छोड़ी गहरी छाप
IAS अधिकारी के तौर पर कशिश ने चंडीगढ़, अरुणाचल प्रदेश के तवांग और नीति आयोग जैसे अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाई। करियर ऊंचाइयों पर था, लेकिन भीतर का कलाकार समझौते को तैयार नहीं था। 2019 में नौ साल की सेवा पूरी करने के बाद उन्होंने स्वेच्छा से IAS से इस्तीफा दे दिया—बिना किसी पछतावे के। इसके बाद उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में प्रिंसिपल रिसर्च प्रोग्राम मैनेजर के तौर पर काम किया और मार्च 2025 में ‘दिशा AI’ नाम से अपना स्टार्टअप शुरू किया, जो तकनीक और सामाजिक प्रभाव को जोड़ने पर काम करता है।
जब संगीत बन जाए आत्मा की आवाज
हाल ही में दोस्तों के बीच बैठकर गाया गया नुसरत फतेह अली खान का मशहूर कलाम, ‘उनके अंदाज़-ए-करम’ सोशल मीडिया पर छा गया। इस वीडियो को 20 लाख से ज्यादा व्यूज़ मिल चुके हैं। यह साबित करता है कि कशिश मित्तल के लिए संगीत कोई शौक नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है। कशिश की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए संदेश है, सफलता वही है, जहां दिल को सुकून मिले।



