कुशीनगर: एक ही परिवार के 3 बच्चों की 48 घंटे में मौत, गांव में दहशत

एक ही परिवार के तीन मासूमों की 48 घंटे में मौत से गांव में दहशत स्वास्थ्य विभाग ने लगाया मेडिकल कैंप, अब तक 57 बच्चों की जांच मौत की असली वजह मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही होगी साफ

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के गुलरहिया टोला गांव में एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की 48 घंटे के भीतर तेज बुखार से मौत हो गई। लगातार हुई इन मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है और गांव में डॉक्टरों की टीम तैनात कर दी गई है। मृत बच्चों में पिंटू गौड़ की 7 साल की बेटी मंजू, 3 साल की बेटी खुशी, और पिंटू के बड़े भाई दशरथ का 5 साल का बेटा कृष्णा शामिल हैं।

 

सबसे पहले मंजू को आया था तेज बुखार

जानकारी के मुताबिक लगभग एक हफ्ता पहले मंजू को तेज बुखार हुआ। गांव के निजी डॉक्टर से इलाज कराया लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिवार उसे जिला अस्पताल लेकर गया, जहां बुधवार को उसकी मौत हो गई। मंजू की मौत के कुछ ही घंटों बाद उसकी छोटी बहन खुशी भी तेज बुखार की चपेट में आ गई। हालत बिगड़ने पर उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया, लेकिन शुक्रवार सुबह उसने भी दम तोड़ दिया।

 

गांव में छाया मातम, तीसरी मौत से बढ़ी दहशत

इसी बीच परिवार पर तीसरा बड़ा सदमा तब टूटा, जब दशरथ का 5 वर्षीय बेटा कृष्णा भी बुखार से गंभीर हो गया। परिजन उसे उपचार के लिए पड़रौना ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन बच्चों की लगातार मौत से पूरे गांव में दहशत फैल गई है।

 

स्वास्थ्य विभाग सतर्क, बच्चों की हो रही जांच

सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मेडिकल टीम भेजी। नेबुआ नौरंगिया CHC के प्रभारी डॉ. रंजन कुमार मौर्या के अनुसार, पिछले दो दिनों से गांव में कैंप लगाया गया है। अब तक 57 बच्चों की जांच की जा चुकी है और मलेरिया-डेंगू समेत अन्य बुखारों की टेस्टिंग की जा रही है। जरूरत के हिसाब से दवाइयां भी बांटी गई हैं। डॉ. मौर्या का कहना है कि तीनों बच्चों की मौत की असली वजह रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।

 

गांव में कीटनाशक का छिड़काव, साफ-सफाई के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया है, ब्लीचिंग पाउडर डाला है और लोगों को साफ-सफाई का खास ध्यान रखने की सलाह दी है। फिलहाल गांव में मातम का माहौल है और विभाग पूरी तरह अलर्ट है ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।

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