कानपुर में थाने के पास मां-बेटी समेत चार महिलाओं पर ब्लेड से हमला, कानून-व्यवस्था पर सवाल
जूही थाने के पास मां-बेटी समेत चार महिलाओं पर ब्लेड से ताबड़तोड़ हमला। रैश ड्राइविंग का विरोध करने पर भड़का विवाद, कई महिलाओं को लगे दर्जनों टांके। मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पुलिस अन्य आरोपियों और ‘ब्लेड मार गिरोह’ कनेक्शन की जांच में जुटी।

Up news: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला कानपुर साउथ के Juhi Police Station क्षेत्र का है, जहां थाने से कुछ ही कदम की दूरी पर मां-बेटी समेत चार महिलाओं पर ब्लेड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। इस वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई है और पुलिस की तत्परता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
रैश ड्राइविंग का विरोध बना हमले की वजह
जानकारी के मुताबिक, किदवईनगर एन-ब्लॉक निवासी रानी अपनी बेटी पलक, बहनों राधा और प्रीति तथा प्रीति के पति गौरव के साथ बाजार जा रही थीं। जैसे ही वे जूही थाने के सामने वाली गली से मुख्य सड़क पर पहुंचीं, एक तेज रफ्तार ऑटो अनियंत्रित होकर उनकी ओर बढ़ा। महिलाएं किसी तरह बचीं, लेकिन ऑटो पलट गया। लापरवाही पर विरोध करने से विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
ब्लेड से चेहरे और गर्दन पर वार
आरोप है कि ऑटो चालक आदिल नशे में था और उसके साथ दिशांत व बाबू उर्फ मोहम्मद समीर भी मौजूद थे। पहले गौरव के साथ मारपीट की गई और जब महिलाएं बीच-बचाव में आईं तो हमलावरों ने ब्लेड निकालकर उनके चेहरे और गर्दन पर हमला कर दिया। एक महिला के गाल पर गहरा घाव आया, जिसमें 25 टांके लगे, जबकि दूसरी के गर्दन पर 10 टांके आए। पलक और प्रीति भी घायल हुईं।
पुलिस का रवैया भी सवालों के घेरे में
घायल हालत में पीड़ित महिलाएं जूही थाने पहुंचीं, लेकिन वहां सीमा विवाद का हवाला देकर कार्रवाई टाल दी गई। करीब एक घंटे तक इंतजार के बाद यूपी-112 की टीम पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। बाद में किदवईनगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी आदिल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी दो आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला किसी संगठित ‘ब्लेड मार गिरोह’ से तो जुड़ा नहीं है। यह घटना एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। थाने के पास ही ऐसी वारदात होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।



