ईरान युद्ध का असर: अब 14.2 किलो LPG सिलेंडर में सिर्फ 10 किलो गैस देने की तैयारी
सप्लाई संकट के बीच कंपनियों का बड़ा प्लान ज्यादा लोगों तक गैस पहुंचाने के लिए मात्रा घटाने की तैयारी • कीमत में भी मिल सकती है राहत, नए स्टिकर लगेंगे

Iran crisis: ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव का असर अब भारत के घरों तक पहुंचता दिख रहा है। आने वाले दिनों में घरेलू LPG सिलेंडर में गैस की मात्रा कम की जा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 14.2 किलो वाले सिलेंडर में सिर्फ 10 किलो गैस भरकर सप्लाई करने की तैयारी चल रही है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का मानना है कि सप्लाई में आई रुकावट और तेजी से घटते स्टॉक को देखते हुए यह कदम जरूरी हो सकता है। इसका मकसद है कि सीमित गैस को ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचाया जा सके।
नए स्टिकर और कीमत में राहत
अगर यह योजना लागू होती है तो सिलेंडरों पर नए स्टिकर लगाए जाएंगे, जिनमें गैस की कम मात्रा की जानकारी साफ तौर पर दी जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं को कीमत में भी उसी हिसाब से राहत मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए बॉटलिंग प्लांट्स में बदलाव और सरकारी मंजूरी जरूरी होगी।
सप्लाई पर बढ़ा दबाव
फिलहाल LPG सप्लाई पहले से ही दबाव में है। खाड़ी देशों से नई खेप नहीं आ पा रही है। हाल ही में सिर्फ दो जहाज ही होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर पाए, जो देश की एक दिन की जरूरत के बराबर गैस लेकर आए थे। ऐसे में स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
सरकार का क्या कहना है
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, अभी उपभोक्ताओं को नियमित सप्लाई दी जा रही है, लेकिन गैस बचाने की जरूरत है। पहले कमर्शियल सप्लाई को रोका गया था, जिसे अब धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है।
खाड़ी देशों पर निर्भरता
भारत अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसमें खाड़ी देशों की हिस्सेदारी करीब 90% रही है। ऐसे में वहां का संकट सीधे भारत की सप्लाई पर असर डाल रहा है।
निष्कर्ष
आने वाले दिनों में अगर हालात नहीं सुधरे, तो आम लोगों को कम गैस में ही काम चलाना पड़ सकता है। हालांकि सरकार और कंपनियां स्थिति को संभालने की कोशिश में लगी हैं।



