मुंबई में महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत: ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ व्यवस्था लागू, 30 मिनट पहले जा सकेंगी घर

मुंबई में महिला कर्मचारियों के लिए ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ सुविधा लागू पीक आवर की परेशानी से राहत, 30 मिनट पहले जा सकेंगी घर महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए सरकार ने गिनाईं कई योजनाएं

मुंबई महानगर क्षेत्र में काम करने वाली महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। राज्य की उपमुख्यमंत्री Sunetra Ajit Pawar ने मंगलवार को विधान परिषद में घोषणा करते हुए कहा कि महिला कर्मचारियों के लिए “कम अर्ली–गो अर्ली” सुविधा लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के समग्र विकास और सुरक्षित कार्य वातावरण के लिए प्रतिबद्ध है। यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हुई विशेष चर्चा के जवाब में की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा समाज बनाना जरूरी है जहां महिलाओं को सम्मान, समान अवसर और सुरक्षा सुनिश्चित हो।

 

क्या है ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ सुविधा

इस नई व्यवस्था के तहत मुंबई महानगर क्षेत्र की महिला कर्मचारी सुबह 9:15 से 9:45 बजे के बीच कार्यालय में आकर अपना काम शुरू कर सकेंगी। जितने मिनट वे तय समय से पहले काम शुरू करेंगी, उतने ही मिनट उन्हें शाम को कार्यालय से पहले निकलने की अनुमति मिल जाएगी। इस व्यवस्था के तहत महिला कर्मचारियों को अधिकतम 30 मिनट तक पहले घर जाने की छूट मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे पीक आवर में यात्रा की परेशानी कम होगी और कामकाजी महिलाओं को काफी राहत मिलेगी।

 

‘ऑपरेशन मुस्कान’ से 42 हजार से ज्यादा बच्चे मिले

महिलाओं की सुरक्षा पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि लापता बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान के तहत जुलाई 2015 से फरवरी 2026 के बीच 14 अभियान चलाए गए। इन अभियानों के दौरान पूरे राज्य में 42,594 बच्चों का पता लगाया गया। इसके अलावा ‘ऑपरेशन शोध’ के जरिए 5,066 महिलाओं और 2,771 बच्चों को खोजा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों में मिसिंग सेल काम कर रही हैं, जबकि महिलाओं से जुड़े मामलों के समाधान के लिए 51 ‘भरोसा सेल’ भी स्थापित किए गए हैं।

 

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं

सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनमें लाडकी बहिन, नमो महिला सशक्तिकरण, लेक लाडकी, अन्नपूर्णा और लखपति दीदी जैसी योजनाएं शामिल हैं। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए उमेद मॉल, उमेद मार्ट और महालक्ष्मी सरस जैसे उपक्रम भी शुरू किए गए हैं। इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया गया है।

 

साइबर अपराध रोकने के लिए विशेष व्यवस्था

महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ाया जा रहा है। इसी दिशा में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, चर्चगेट और बोरीवली रेलवे स्टेशन पर साइबर अपराध रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा राज्य के 17,254 आंगनवाड़ी केंद्रों में पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा चुकी है।

 

महिला कर्मचारियों को 180 दिन का मातृत्व अवकाश

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए 180 दिनों का मातृत्व अवकाश मंजूर किया गया है। इसके बाद जरूरत पड़ने पर महिलाएं बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के एक साल तक आधे वेतन पर अवकाश भी ले सकती हैं। सरकार ने राज्य में चौथी महिला नीति लागू की है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

 

ग्रामीण क्षेत्रों में ‘आदिशक्ति अभियान’

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए ‘आदिशक्ति अभियान’ चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य बाल विवाह रोकना, अत्याचारमुक्त गांव बनाना और लड़कियों की स्कूल छोड़ने की दर कम करना है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जिजाबाई, सावित्रीबाई फुले, अहिल्याबाई होलकर और महारानी ताराबाई के कार्यों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और मानसिक रूप से भी उतना ही जरूरी है।

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