मिडिल ईस्ट जंग का 23वां दिन: ईरान के ताबड़तोड़ हमले, इजरायल-अमेरिका पर बढ़ा दबाव
ईरान ने 23वें दिन भी इजरायल के शहरों पर तेज मिसाइल हमले जारी रखे डिएगो गार्सिया एयरबेस पर हमले से अमेरिका और सहयोगी देश अलर्ट पर महीनों पहले बनी रणनीति के तहत ईरान चरणबद्ध तरीके से बढ़ा रहा दबाव

Iran crisis: मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब और खतरनाक होती जा रही है। Iran, Israel और United States के बीच टकराव 23वें दिन में पहुंच चुका है। टॉप लीडरशिप को नुकसान झेलने के बाद भी ईरान लगातार जवाबी हमले कर रहा है, जिससे हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।
डिमोना और अराद पर मिसाइल हमला
रविवार को ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना और अराद पर बड़ा मिसाइल हमला किया। इस हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल होने की खबर है, जबकि कई लोगों की मौत का भी दावा किया जा रहा है। इन हमलों ने इजरायल के भीतर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
डिएगो गार्सिया एयरबेस पर हमला
इससे पहले ईरान ने 4000 किलोमीटर दूर स्थित Diego Garcia में अमेरिका-ब्रिटेन के एयरबेस को निशाना बनाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। इतनी लंबी दूरी तक हमले की क्षमता ने ईरान की सैन्य ताकत को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
महीनों पहले से तैयार थी रणनीति
एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा हमले अचानक नहीं हैं बल्कि कई महीनों पहले बनाई गई योजना का हिस्सा हैं। यह रणनीति Ali Khamenei को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी, ताकि किसी भी स्थिति में जवाबी कार्रवाई की जा सके।
चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा ईरान
ईरान अब इस योजना को धीरे-धीरे लागू कर रहा है। दावा किया जा रहा है कि उसने दुश्मन की एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचाया है और अब वह हवाई बढ़त हासिल करने की कोशिश में है। ऐसे में फिलहाल युद्धविराम की कोई संभावना नजर नहीं आ रही।
इजरायल-अमेरिका को ‘सबक’ सिखाने की रणनीति
ईरान का साफ कहना है कि वह इस लड़ाई को तब तक जारी रखेगा, जब तक उसके विरोधी पीछे नहीं हटते। उसका मकसद इजरायल और अमेरिका को कड़ा संदेश देना है। इसमें Donald Trump का जिक्र भी सामने आया है।
आगे और बढ़ सकता है खतरा
ईरान ने संकेत दिए हैं कि उसकी पूरी ताकत अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में हमले और तेज हो सकते हैं। इसके साथ ही ‘Axis of Resistance’ के सहयोगियों को भी इस संघर्ष में अहम भूमिका दी जा सकती है।



