भारत में विज्ञान की नई उड़ान, प्रधानमंत्री मोदी ने लॉन्च किया एक लाख करोड़ का आरडीआई फंड
भारत में विज्ञान और नवाचार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम प्रधानमंत्री मोदी ने किया एक लाख करोड़ रुपए के आरडीआई फंड का ऐलान सरकारी संस्थानों के साथ निजी क्षेत्र को भी मिलेगा अनुसंधान में सहयोग ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बढ़ा देश

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) 2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने एक लाख करोड़ रुपए के रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (आरडीआई) फंड की घोषणा की, जिसका उद्देश्य देश में वैज्ञानिक अनुसंधान को नई गति देना और निजी क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज का दिन विज्ञान और नवाचार में भारत की नई उड़ान का प्रतीक है।” उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत और इसरो के जीसैट-7आर (सीएमएस-03) संचार उपग्रह के सफल प्रक्षेपण की भी सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि विज्ञान की प्रगति अब रैखिक नहीं, बल्कि एक्सपोनेंशियल हो गई है। आरडीआई फंड से न केवल सरकारी संस्थानों बल्कि निजी कंपनियों को भी अनुसंधान और विकास के लिए सहयोग मिलेगा।उन्होंने बताया कि सरकार “रिसर्च करने में आसानी (Ease of Research)” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। इसके तहत वित्तीय नियमों और खरीद नीतियों में सुधार किए गए हैं ताकि वैज्ञानिकों को अनुकूल वातावरण मिल सके।
तीन दिवसीय यह कॉन्क्लेव (3 से 5 नवंबर) देश-विदेश के वैज्ञानिकों, उद्योग जगत, शिक्षाविदों, नोबेल विजेताओं और नीति निर्माताओं को एक मंच पर ला रहा है। इसमें 11 प्रमुख क्षेत्रों ,जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, पर्यावरण, क्वांटम व स्पेस टेक्नोलॉजी पर चर्चा होगी।प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आरडीआई फंड और यह कॉन्क्लेव भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी इकोसिस्टम को नई दिशा देगा तथा देश को “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की ओर अग्रसर करेगा।



