केंद्र सरकार ने जारी की नई ‘वंदे मातरम’ गाइडलाइन
केंद्र सरकार ने जारी की नई ‘वंदे मातरम’ गाइडलाइन संपूर्ण छह छंद को प्राथमिकता, कार्यक्रमों में अनिवार्य सम्मान ‘वंदे मातरम’ पहले और ‘जन गण मन’ बाद में बजाने का प्रोटोकॉल तय

केंद्र सरकार ने 28 जनवरी 2026 को ‘वंदे मातरम’ के आधिकारिक गाइडलाइन जारी की हैं। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के गायन और प्रस्तुति के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय करना है, जैसे कि पहले राष्ट्रीय गान के लिए किया गया था।
गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन में मुख्य बातें
1. संपूर्ण छह छंद का प्राथमिकता: अब सरकारी या आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंद गाने या बजाने को प्राथमिकता दी जाएगी। पहले केवल पहले दो छंद ही गाए जाते थे, लेकिन अब मूल विस्तारित रूप को मान्यता दी गई है। व्यावहारिक परिस्थितियों के अनुसार प्रस्तुति की अवधि तय की जा सकती है, लेकिन औपचारिक रूप से पूरे गीत को मानक माना गया है। 2. समय और अवधि: विशेष सरकारी कार्यक्रमों में छह अंतरों का गायन या वादन अनिवार्य होगा, जिसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड तय की गई है।
3. क्रम तय करना
यदि किसी समारोह में ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ दोनों प्रस्तुत किए जा रहे हों, तो अब पहले ‘वंदे मातरम’ और उसके बाद राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ बजाया जाएगा। इसका उद्देश्य कार्यक्रमों में एकरूपता सुनिश्चित करना है। 4. सम्मान और शिष्टाचार: वंदे मातरम के समय उपस्थित लोगों को सम्मानपूर्वक खड़ा होना आवश्यक होगा, ठीक वैसे ही जैसे राष्ट्रीय गान के समय खड़े होते हैं। यह निर्देश राष्ट्रीय गीत के प्रति समान आदर सुनिश्चित करता है।
5. कहाँ-कहाँ लागू होगी
तिरंगा फहराने के अवसर, राष्ट्रपति और राज्यपाल के आगमन या भाषणों से पहले और बाद, सिविलियन पुरस्कार समारोह जैसे पद्म पुरस्कार समारोह, सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय आयोजनों। यह गाइडलाइन कानूनी दंड नहीं है, बल्कि एक प्रशासनिक प्रोटोकॉल है जिसे सरकारी कार्यक्रमों में अपनाया जाएगा।



