कुशीनगर से ISIS संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, पाकिस्तान कनेक्शन वाले मॉड्यूल का भी खुलासा

आतंकी साजिश का बड़ा खुलासा, कुशीनगर से गिरफ्तारी पाक हैंडलर्स से जुड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश रेलवे और अहम ठिकानों को निशाना बनाने की थी तैयारी

Up news: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट और यूपी एटीएस ने मिलकर बड़ी कार्रवाई करते हुए ISIS से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से हुई है। पकड़े गए आरोपी की पहचान रिजवान अहमद के रूप में हुई है, जो पिछले कई सालों से इस आतंकी संगठन के लिए काम कर रहा था।

 

बम बनाने का सामान और जेहादी साहित्य बरामद

जांच एजेंसियों के मुताबिक, रिजवान अहमद के पास से बम बनाने का सामान, आपत्तिजनक दस्तावेज और जेहादी साहित्य मिला है। बरामद चीजों की गहराई से जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि वह 2015 में मुंबई की आर्थर रोड जेल में भी आतंकी गतिविधियों के मामले में बंद रह चुका है। फिलहाल उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।

 

पाकिस्तान कनेक्शन वाला गिरोह भी पकड़ा गया

इसी कार्रवाई के दौरान यूपी एटीएस ने एक और बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। यह गिरोह पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर भारत में आतंक फैलाने की साजिश रच रहा था। इस मामले में मेरठ के शाकिब (सरगना), विकास गहलावत, लोकेश और अरबाब को गिरफ्तार किया गया है।

 

सोशल मीडिया के जरिए संपर्क

जांच में सामने आया है कि ये लोग टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स के जरिए अपने हैंडलर्स से जुड़े हुए थे। शाकिब पेशे से नाई है, लेकिन वह पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संदिग्ध नंबरों और कट्टरपंथी समूहों से संपर्क में था।

 

रेकी कर रहे थे अहम ठिकानों की

गिरोह के सदस्य गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में महत्वपूर्ण जगहों की रेकी कर रहे थे। ये लोग रेलवे सिग्नल बॉक्स, बड़े संस्थानों और वाहनों की जानकारी जुटाकर अपने हैंडलर्स को भेजते थे।

 

ऐसे रच रहे थे हमले की साजिश

जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने कुछ जगहों पर छोटी आगजनी की घटनाएं भी की थीं और उनके वीडियो पाकिस्तान भेजे थे। इसके बदले उन्हें QR कोड के जरिए पैसे मिलते थे। गिरोह रेलवे सिस्टम को नुकसान पहुंचाने, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आग लगाने और राजनीतिक लोगों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा था।

 

लखनऊ में बड़ी कार्रवाई, साजिश नाकाम

एटीएस को इनपुट मिलने के बाद लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास कार्रवाई की गई और आरोपियों को समय रहते पकड़ लिया गया। उनके पास से ज्वलनशील पदार्थ से भरा केन, 7 स्मार्टफोन और 24 पर्चे बरामद हुए हैं। फिलहाल एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि इससे जुड़े बाकी लोगों और विदेशी कनेक्शन का पता लगाया जा सके।

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