कांगो में खदान हादसा: भूस्खलन से 200 से ज्यादा की मौत, कई अब भी लापता

उत्तरी किवू में भारी बारिश के बाद खनन क्षेत्र में भीषण भूस्खलन 200 से ज्यादा मौतों की पुष्टि, कई मजदूर अब भी मलबे में फंसे एम23 के कब्जे वाली खदानों में सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

कांगो (डीआरसी): पूर्वी कांगो के उत्तरी किवू प्रांत में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। रुबाया कोल्टन (कोलंबाइट-टैंटलाइट) खनन क्षेत्र में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से कई खदानें ढह गईं। इस त्रासदी में अब तक कम से कम 200 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोगों के अब भी मलबे और कीचड़ में फंसे होने की आशंका है। मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

 

भारी बारिश बनी हादसे की वजह

एम23 विद्रोही समूह द्वारा नियुक्त गवर्नर के प्रवक्ता लुमुम्बा कंबेरे मुयिसा ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि यह हादसा बुधवार, 28 जनवरी को लगातार हो रही तेज बारिश के कारण हुआ। उन्होंने कहा कि अब तक 200 से अधिक शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कई लोगों तक अभी पहुंचा नहीं जा सका है।

 

मजदूर, बच्चे और महिलाएं बने शिकार

हादसे में खनन मजदूरों के साथ-साथ बच्चे और बाजार में काम करने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। कुछ लोगों को समय रहते बचा लिया गया, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हैं। करीब 20 घायलों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है, जिन्हें शनिवार को एंबुलेंस से गोमा शहर रेफर किया जाएगा। एक गवर्नर सलाहकार ने नाम न बताने की शर्त पर मरने वालों की संख्या कम से कम 227 बताई है।

 

एम23 विद्रोहियों के कब्जे में हैं खदानें

रुबाया की ये खदानें फिलहाल एम23 विद्रोही समूह के नियंत्रण में हैं, जिसने अप्रैल 2024 से इस क्षेत्र पर कब्जा जमा रखा है। यह इलाका दुनिया के कुल कोल्टन उत्पादन का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा देता है। कोल्टन से निकलने वाला टैंटलम स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक तकनीक के लिए बेहद अहम है। यहां ज्यादातर छोटे पैमाने पर हाथ से खनन होता है, जहां मजदूर रोजाना कुछ ही डॉलर कमा पाते हैं।

 

खनन पर अस्थायी रोक, लोगों को हटाने के आदेश

हादसे के बाद एम23 द्वारा नियुक्त गवर्नर ने छोटे पैमाने के खनन पर अस्थायी रोक लगा दी है। साथ ही खदान के आसपास झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

लंबे समय से हिंसा और असुरक्षा का शिकार है इलाका

पूर्वी कांगो दशकों से हिंसा और संघर्ष झेल रहा है। यहां सरकारी बलों, रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों और अन्य सशस्त्र समूहों के बीच लगातार टकराव होता रहा है। खनिज संपदा से भरपूर होने के बावजूद सुरक्षा की कमी और बारिश के मौसम में भूस्खलन जैसी घटनाएं आम हैं। यह हादसा एक बार फिर खनन मजदूरों की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था और गहराते मानवीय संकट को उजागर करता है।

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