ईरान-अमेरिका सीजफायर पर भारत का रिएक्शन, होर्मुज खुलने से फंसे 433 भारतीय नाविकों को राहत
भारत ने सीजफायर का किया स्वागत होर्मुज खुलने से फंसे नाविकों को राहत ट्रंप बोले- समझौते की ओर बढ़ रही बातचीत

Iran crisis: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद अब भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने इस कदम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में रास्ता खुलेगा।
तनाव कम करने पर जोर
सरकार ने अपने बयान में साफ कहा कि मौजूदा हालात में तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति ही सबसे बड़ा समाधान है। लंबे समय से जारी इस संघर्ष ने आम लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया है और साथ ही वैश्विक ऊर्जा सप्लाई और व्यापार पर भी असर डाला है।
होर्मुज की अहमियत पर जोर
भारत ने खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र करते हुए कहा कि यहां से जहाजों की आवाजाही बिना रुकावट जारी रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह दुनिया के लिए एक अहम व्यापारिक मार्ग है।
फंसे भारतीय नाविकों को मिलेगी राहत
सीजफायर के बाद अब होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खुलने की तैयारी में है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फारस की खाड़ी में भारत के 16 जहाज खड़े हैं, जिन पर कुल 433 भारतीय नाविक मौजूद हैं। अब रास्ता खुलने के बाद ये जहाज जल्द भारत के लिए रवाना होंगे। माना जा रहा है कि इन्हें यहां पहुंचने में 3 दिन से लेकर एक हफ्ते तक का समय लग सकता है।
ट्रंप का बड़ा ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने तय समय से करीब डेढ़ घंटे पहले ही सीजफायर का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ कई अहम मुद्दों पर सहमति बन गई है और अगले दो हफ्तों में समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। ट्रंप के मुताबिक, ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए तैयार है। उन्हें यह भरोसा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और फील्ड मार्शल Asim Munir की तरफ से मिला है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर चुका है और ईरान की तरफ से मिले 10 सूत्रीय प्रस्ताव को बातचीत के लिए एक मजबूत आधार माना जा रहा है।



