सुप्रीम कोर्ट ने अरावली हिल्स मामले का लिया स्वत: संज्ञान, सोमवार से सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली हिल्स मामले का लिया स्वत: संज्ञान। केंद्र सरकार ने नए खनन पट्टों पर पूरी रोक लगाई। सतत खनन और पर्यावरण संरक्षण के लिए तैयार होगी विज्ञान-आधारित योजना।

अरावली: सुप्रीम कोर्ट ने अरावली हिल्स मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में इस मामले की सुनवाई सोमवार से शुरू होगी। हाल ही में अरावली हिल्स को लेकर कई जगह प्रदर्शन भी हुए थे। केंद्र सरकार लगातार साफ कर रही है कि अरावली हिल्स को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है। वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर खनन की अनुमति देने के लिए अरावली की परिभाषा में बदलाव किया गया। सरकार ने कांग्रेस के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
केंद्र सरकार ने क्या कहा?
केंद्र ने राज्य सरकारों को अरावली में नए खनन पट्टे जारी करने पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। यह रोक पूरे अरावली क्षेत्र में लागू होगी और इसका उद्देश्य पर्वत श्रृंखला की अखंडता को बचाना है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद को निर्देश दिया है कि पूरे अरावली क्षेत्र में अतिरिक्त संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाए। इसका मकसद पर्यावरण, भू-वैज्ञानिक और पारिस्थितिक दृष्टि से खतरनाक क्षेत्रों में खनन रोकना है।
तैयार होगी विज्ञान-आधारित योजना
अरावली क्षेत्र में सतत और सुरक्षित खनन के लिए एक व्यापक प्रबंधन योजना बनाई जाएगी। इसमें शामिल होगा: संचयी पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन, संवेदनशील और संरक्षण योग्य क्षेत्रों की पहचान, बहाली और पुनर्वास के उपाय योजना को सार्वजनिक कर व्यापक परामर्श लिया जाएगा, केंद्र का कहना है कि यह योजना अरावली के स्थलाकृति, पारिस्थितिकी और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए बनाई जाएगी और इससे खनन से जुड़े प्रतिबंध और सुरक्षा उपाय और मजबूत होंगे।
पर्यावरण सुरक्षा पर जोर
केंद्र सरकार ने पहले से चल रहे खनन कार्यों में सख्ती से पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसका मकसद अरावली के दीर्घकालिक संरक्षण, जल भंडारों की रक्षा, जैव विविधता के संरक्षण और क्षेत्र में पर्यावरणीय सेवाओं को बनाए रखना है। केंद्र सरकार का मानना है कि अरावली हिल्स का संरक्षण मरुस्थलीकरण रोकने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है।



