बड़ी खबर: नप गए पूर्व BJP विधायक, वाराणसी में वकील ने कर दी FIR.. गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज !

वाराणसी में अधिवक्ता और पूर्व भाजपा विधायक के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया है। अधिवक्ता ऋषिकांत सिंह ने भदोही के पूर्व विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी सहित 8 लोगों पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना को लेकर कैंट थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रजिस्ट्री कार्यालय में हुआ विवाद
अधिवक्ता ऋषिकांत सिंह ने बताया कि 14 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे वह रजिस्ट्री कार्यालय जा रहे थे। तभी वहां पहले से मौजूद पूर्व विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी, उनके भाई, दो गनर और 3-4 अज्ञात लोगों ने उन्हें धक्का दिया। जब उन्होंने विरोध किया तो गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई। आरोपियों ने कहा कि “देख कर नहीं चल सकते, विधायक जी आ रहे हैं” और इसके बाद उन पर हमला कर दिया गया।
मुंशी और अधिवक्ताओं ने बचाई जान
ऋषिकांत सिंह ने तहरीर में लिखा कि उनकी चीख-पुकार सुनकर मुंशी एजाज और अन्य अधिवक्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीच-बचाव कर उन्हें छुड़ाया। इस दौरान आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन छीनकर दीवार पर दे मारा और तोड़ दिया, क्योंकि उसमें पूरी घटना की रिकॉर्डिंग थी।
जान से मारने की धमकी का आरोप
अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जाते-जाते पूर्व विधायक ने धमकी दी कि अगर किसी को कुछ बताया तो जान से मारकर गंगा में फेंकवा देंगे और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। इस धमकी के बाद अधिवक्ता सहमे हुए हैं।
पूर्व विधायक ने भी कराया मुकदमा दर्ज
इस घटनाक्रम के एक दिन बाद, 15 अगस्त को पूर्व विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी ने भी अधिवक्ता ऋषिकांत सिंह और मुंशी एजाज पर मारपीट और रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। इससे मामला और पेचीदा हो गया है।
कैंट पुलिस ने दर्ज किया केस, सीसीटीवी फुटेज की जांच
कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 115(2), 351(3), 352 और 324(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और रजिस्ट्री कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।



