लखनऊ में BSP सुप्रीमो के आवास पर हंगामा, 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने लगाया न्याय की गुहार
लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने मायावती के आवास का घेराव कर न्याय की मांग की। अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में कमजोर सरकारी पैरवी पर नाराजगी जताई और बहन जी से उम्मीद जताई कि वे उनकी आवाज उठाएंगी।

लखनऊ: लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। अभ्यर्थियों ने बीएसपी सुप्रीमो मायावती के माल एवेन्यू स्थित आवास का घेराव किया और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा— “बहन जी न्याय करो, सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करो” और “PDA को न्याय दो।”
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने समझाने की कोशिश की लेकिन अभ्यर्थी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। अंततः चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बसपा महासचिव मेवालाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की कमजोर पैरवी के कारण उनकी नियुक्तियां अब तक नहीं हो पाई हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से वे रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सुप्रीम कोर्ट में 28 अक्टूबर को सुनवाई की तारीख तय है, और अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार इस बार मजबूती से पक्ष रखे ताकि उनके पक्ष में फैसला आ सके।
‘सरकार के वकील सुप्रीम कोर्ट में नहीं पहुंचते’
अभ्यर्थियों ने बताया कि पिछड़ा आयोग ने भी सीटों में घोटाले की बात मानी थी, बावजूद इसके मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है क्योंकि सरकार की तरफ से पैरवी अधूरी रहती है। अभ्यर्थियों ने कहा कि वे उम्मीद करते हैं मायावती स्वयं उनकी पैरवी करेंगी ताकि उन्हें आखिरकार रोजगार मिल सके।



