बुझा दिया गया घर का इकलौता ‘दीपक’: ट्रेन में बर्बरता! हत्या का वीडियो आया सामने.. 20 लोगों ने तब तक मारा..

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में शुक्रवार रात दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक की चलती ट्रेन में 15 से 20 लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। दिल्ली से आ रहे युवक पर आरोपियों ने तब तक हमला किया, जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं। यह मामला अब पूरे राज्य में सनसनी का विषय बना हुआ है।
सीट विवाद बना जानलेवा
घटना सहारनपुर-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन की है, जिसमें सवार दीपक यादव नामक युवक सीट को लेकर हुए मामूली विवाद का शिकार बन गया। फखरपुर स्टेशन के पास शुरू हुआ झगड़ा धीरे-धीरे खूनी हिंसा में बदल गया। आरोपी फखरपुर से खेकड़ा स्टेशन (करीब 10 किमी) तक दीपक को लात-घूंसों और बेल्ट से पीटते रहे।
हमलावरों ने यात्रियों को भी धक्का देकर हटाया
घटना के समय ट्रेन में मौजूद कुछ यात्रियों ने दीपक को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उन्हें धक्का देकर पीछे कर दिया। इस बीच एक यात्री ने दीपक को पहचान लिया और तुरंत उसके परिजनों व जीआरपी को सूचना दी।
खेकड़ा स्टेशन पर आरोपी ट्रेन से कूदकर फरार
जैसे ही ट्रेन खेकड़ा स्टेशन पर रुकी, सभी आरोपी ट्रेन से कूदकर भाग निकले। घायल अवस्था में दीपक को CHC लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह पूरी वारदात शुक्रवार रात की है, लेकिन इसका वीडियो अब सामने आया है, जिससे घटना की गंभीरता और स्पष्ट हो पाई है।
वीडियो फुटेज से साफ हुआ मर्डर का मंजर
इस घटना से जुड़े तीन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में ट्रेन के कोच के भीतर अफरा-तफरी और मारपीट का दृश्य है। दूसरे वीडियो में एक यात्री की सीट से खींचा गया क्लिप है, जिसमें दीपक पर बेरहमी से हमला हो रहा है। तीसरे और सबसे छोटे वीडियो (2-3 सेकंड) में आरोपी ट्रेन से उतरकर भागते नजर आ रहे हैं।
घर का इकलौता बेटा था दीपक
दीपक यादव (39) बागपत जिले के खेकड़ा कस्बे के मोहल्ला अहिरान के रहने वाले थे। वह पिछले 15 सालों से दिल्ली के भगीरथ पैलेस में एक झूमर शोरूम में काम करते थे। हर शुक्रवार वे दिल्ली से घर आते थे और सोमवार सुबह वापस लौटते थे। 12 साल पहले दीपक की शादी सावित्री से हुई थी। उनके दो बच्चे हैं – 12 साल की बेटी आयुषी और ढाई साल का बेटा अविरल। दीपक अपने परिवार का इकलौता बेटा था।
10 दिन पहले हुए झगड़े से जुड़ा हो सकता है कनेक्शन
पड़ोसी राजवीर सिंह के अनुसार दीपक का किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था। लेकिन 10 दिन पहले दीपक के कुछ साथियों का एक अन्य ग्रुप से झगड़ा हुआ था। उस झगड़े में दीपक शामिल नहीं था, फिर भी संभवतः उसी गैंग ने दीपक को अकेला पाकर हमला किया।
राहुल बाबा गैंग पर गंभीर आरोप
दीपक के मामा सुभाष यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमला बसी गांव के रहने वाले राहुल बाबा और उसके साथियों द्वारा किया गया। उन्होंने दीपक पर धारदार हथियारों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि ये सभी आरोपी ट्रेन के रेगुलर पैसेंजर थे, जो ग्रुप बनाकर दिल्ली आते-जाते थे।
पुलिस जांच में जुटी
जीआरपी इंस्पेक्टर उधम सिंह तलान ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेंगे राज
दीपक का अंतिम संस्कार शनिवार को शाम 4 बजे किया जाएगा। इस हृदयविदारक घटना के पीछे की साजिश और सच्चाई को उजागर करने के लिए पुलिस गहन जांच में जुटी है। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हो सकेगी कि दीपक की मौत किन चोटों और किस हथियार की वजह से हुई।



