Vote Chori: अब तेजस्वी यादव पर गिरी गाज, ERO ने भेजा नोटिस.. कहा – “दिखाया फर्जी कार्ड, अब 7 दिन में.. वरना..”

पटना, 8 अगस्त 2025 – बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और 128-राघोपुर विधानसभा से विधायक तेजस्वी प्रसाद यादव को निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, 181-दीघा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, पटना सदर की ओर से एक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि 2 अगस्त 2025 को आयोजित प्रेस वार्ता में तेजस्वी यादव द्वारा प्रदर्शित किया गया ई-विक कार्ड फर्जी है और भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड में मौजूद नहीं है।
प्रेस वार्ता में दिखाए गए कार्ड पर विवाद
नोटिस में उल्लेख है कि तेजस्वी यादव ने 2 अगस्त 2025 को हुई प्रेस वार्ता में ई-विक कार्ड संख्या RAB2916120 प्रस्तुत किया था, जिसमें उनका नाम दर्ज था। लेकिन सत्यापन के दौरान यह संख्या भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मौजूद नहीं पाई गई। साथ ही, यह भी स्पष्ट हुआ कि यह कार्ड आयोग द्वारा जारी ही नहीं किया गया था।
पहले भी इस्तेमाल हो चुका है दूसरा कार्ड
अधिकारियों ने जांच में पाया कि तेजस्वी यादव ने 2015 और 2020 के नामांकन पत्र दाखिल करते समय एक अलग ई-विक कार्ड संख्या RAB0456228 का उपयोग किया था। यही कार्ड निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में उपलब्ध है और इससे ही उनकी पहचान और मतदान का अधिकार पंजीकृत है।
#SIR@CEOBihar @SpokespersonECI @ECISVEEP @yadavtejashwi pic.twitter.com/yhcJMxPpL1
— District Administration Patna (@dm_patna) August 8, 2025
निर्वाचन कानून के तहत गंभीर अपराध
नोटिस के अनुसार, प्रेस वार्ता में फर्जी ई-विक कार्ड प्रदर्शित करना और उसे सार्वजनिक मंच से प्रसारित करना निर्वाचन कानून के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला मतदाता सूची की पवित्रता और निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सीधा प्रश्न खड़ा करता है।
16 अगस्त तक मांगा गया जवाब
निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी ने तेजस्वी यादव को निर्देश दिया है कि वे इस नोटिस की प्राप्ति के सात दिनों के भीतर, यानी 16 अगस्त 2025 की शाम 5 बजे तक, अपने लिखित स्पष्टीकरण के साथ कार्यालय में उपस्थित हों। चेतावनी दी गई है कि समयसीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक महत्व और संभावित असर
यह नोटिस ऐसे समय पर आया है जब चुनावी माहौल में भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज़ हैं। तेजस्वी यादव पहले से ही भाजपा और चुनाव आयोग पर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा चुके हैं। अब इस मामले के सामने आने से राजनीतिक हलचल और बढ़ने की संभावना है।



