स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव 2026: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने युवाओं को उद्यमिता अपनाने का दिया संदेश
एलपीयू कपूरथला में स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव 2026 का भव्य आयोजन युवाओं को नौकरी देने वाला बनने का आह्वान, सीड ग्रांट का वितरण नवाचार और उद्यमिता से पंजाब के आर्थिक भविष्य को नई दिशा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कपूरथला स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एल.पी.यू.) में राज्य के पहले स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया। इस आयोजन के जरिए नवाचार, कड़ी मेहनत और उद्यमिता को सरकार के आर्थिक दृष्टिकोण में प्रमुख प्राथमिकता के रूप में प्रस्तुत किया गया। पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव 2026 एक प्रमुख राज्य-स्तरीय मंच के रूप में उभरा है, जिसमें नवाचार, उद्यमिता और राज्य के तेजी से विस्तार कर रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम को दर्शाया गया।
100 से अधिक स्टार्टअप्स की भागीदारी, सरकार का स्पष्ट संदेश
कॉन्क्लेव में 100 से अधिक स्टार्टअप्स की भागीदारी रही, जहां उद्यमों को सीड ग्रांट्स वितरित किए गए और उद्योगपतियों, निवेशकों, इनक्यूबेटरों, अकादमिक विशेषज्ञों व नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाया गया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने युवाओं को रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनने के लिए प्रेरित किया और कहा कि पंजाब का भविष्य उद्यमिता में है। उन्होंने कहा कि पंजाबी स्वभाव से ही इंजीनियर और जन्मजात उद्यमी होते हैं, इसलिए जिस भी क्षेत्र में जाते हैं, सफलता हासिल करते हैं।
जापान का उदाहरण, दूरदर्शी सोच पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपनी हालिया जापान यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि स्पष्ट और दूरदर्शी दृष्टिकोण से ही देश प्रगति करते हैं। उन्होंने बताया कि जापान में सिंगल विंडो सिस्टम और सकारात्मक कार्य संस्कृति के चलते वहां की औसत आयु 100 वर्षों से अधिक है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जापानी नागरिक अपने सपनों को पूरा करने के लिए ओवरटाइम काम करते हैं और पंजाब के युवाओं को भी वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने के लिए ऐसी ही अग्रगामी सोच अपनानी चाहिए।
स्टार्टअप्स को आर्थिक सहयोग और पारदर्शी नीति
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस आयोजन में 15 से अधिक इनक्यूबेटर्स और पांच से अधिक सहायक संस्थाओं ने अपनी पहलों को प्रदर्शित किया। पंजाब सरकार आठ स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन चेक दे रही है, जिनमें सात स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपये की सीड ग्रांट और प्रत्येक को 1.20 लाख रुपये की लीज रेंटल सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक एवं कारोबारी विकास नीति 2022 को उद्यमियों के लिए पारदर्शी और मजबूत ढांचे के रूप में लागू किया गया है और सरकार के पास फंड्स की कोई कमी नहीं है।
युवाओं से आह्वान, पुराने सिस्टम पर हमला
पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नए उद्यम शुरू करने से लोग डरते थे, लेकिन अब आम लोगों की सरकार हर नागरिक को आगे बढ़ने का मौका दे रही है। उन्होंने बिज़नेस ब्लास्टर्स मुहिम का जिक्र करते हुए युवाओं से नवाचार अपनाने और अल्पकालिक प्रसिद्धि से दूर रहने की अपील की। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के कथन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि असली सपने वे होते हैं जो सोने नहीं देते। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।



