“तो मैं मान लूं कि मैं वेश्या हूं” – रशियन इन्फ्लुएंसर ‘Koko’ का Video Viral, FRRO पर लगाए चौंकाने वाले आरोप!

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर मशहूर रशियन इन्फ्लुएंसर कोको इन इंडिया (असली नाम क्रिस्टीना) ने दिल्ली के Foreigners Regional Registration Office (FRRO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि FRRO के अधिकारियों ने उनका मोबाइल फोन जब्त कर जांचा, उन पर झूठे आरोप लगाए और निजी सवालों से अपमानित किया। इस मामले को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार तीन वीडियो जारी किए हैं, जो अब वायरल हो रहे हैं।

कोको का आरोप – “फोन लिया गया और झूठे सवाल पूछे गए”

कोको ने अपने वीडियो में कहा कि FRRO के रूम नंबर 303 में मौजूद अधिकारियों ने उनसे अनुचित व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि उनसे पूछा गया, “अगर तुम वसंत कुंज में रहती हो, तो अलग-अलग होटलों में क्यों जाती हो?” इसके साथ ही उनका मोबाइल फोन भी चेक किया गया और निजी चैट्स देखी गईं।
कोको ने इसे पूरी तरह गलत ठहराते हुए कहा कि अगर कोई सबूत है तो सामने लाया जाए, वरना उन पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

 

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“तो मैं मान लूं कि मैं वेश्या हूं” – वीडियो में छलका दर्द

वीडियो में भावुक होते हुए कोको ने कहा कि उन्हें ऐसी स्थिति में डाल दिया गया जहां उन्हें कहना पड़ा – “तो मैं मान लूं कि मैं वेश्या हूं।” उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन्हें अपमानित करने की कोशिश की और लगातार दबाव डाला कि वे स्वीकार करें कि वह गलत कामों में शामिल रही हैं।

 

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भारत में कोको की लोकप्रियता और पहचान

कोको लंबे समय से भारत में रह रही हैं और “Koko in India” नाम से सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हैं। वह भारतीय संगीत, नृत्य और संस्कृति पर कंटेंट बनाती हैं। उनके YouTube चैनल पर 4.79 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं और इंस्टाग्राम पर भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है।

 

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FRRO पर सवाल और कानूनी पहलू

कोको का कहना है कि उनके साथ की गई पूछताछ असंवैधानिक थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अधिकारियों के पास बिना कारण उनका फोन चेक करने और निजी चैट देखने का अधिकार कैसे था।
कानूनी जानकारों के मुताबिक, यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो FRRO अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि क्या पूछताछ प्रक्रियात्मक रूप से सही थी या नहीं।

सोशल मीडिया पर कोको का समर्थन

वीडियो सामने आने के बाद हजारों यूजर्स ने कोको का समर्थन किया है। कई लोगों ने FRRO पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि मामला केवल गलतफहमी का भी हो सकता है, जिसकी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।

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