बड़ी खबर: यूपी में BJP नेता के कातिल का कोर्ट में सरेंडर, वकील की पोशाक में छुपते-छिपाते पहुंचा, बड़ा खुलासा!

प्रयागराज में भाजपा नेता रणधीर यादव की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी डॉ. उदय यादव ने जिला कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उसने वकील की ड्रेस में कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण किया। पुलिस अब उससे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उदय ने अपनी पत्नी के रणधीर से अफेयर को लेकर इस वारदात को अंजाम दिया। मामला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गया है।
कोर्ट में सरेंडर, जेल भेजा गया आरोपी
बुधवार दोपहर डॉ. उदय यादव वकील की पोशाक पहनकर कोर्ट पहुँचा। सिर पर टोपी लगाई हुई थी। पहले से तैयारी कर रखी थी और भीड़ के बीच सीधे कोर्ट रूम में जाकर सरेंडर किया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर जेल ले गई।
हत्या की वजह: पत्नी से अफेयर
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उदय की पत्नी अंजली का भाजपा नेता रणधीर यादव से अफेयर था। उदय ने शक होने पर इस संबंध की जांच शुरू की और सबूत मिलने के बाद हत्या की योजना बनाई। 22 दिन तक फरार रहने के बाद उदय ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। पुलिस अब उसके साथियों और मददगारों के बारे में पूछताछ कर रही है।
मामला कब शुरू हुआ?
22 अगस्त को भाजपा नेता रणधीर यादव का अपहरण हुआ। अगले दिन उसकी पत्नी ने नवाबगंज थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया। इसमें उदय यादव और राम सिंह को नामजद किया गया। 24 अगस्त को चित्रकूट में स्कॉर्पियो बरामद हुई, जिसमें लाश फेंकने के बाद गाड़ी छोड़ दी गई थी। जांच में पता चला कि उसी रात हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंका गया था।
पत्नी अंजली की महंगी जीवनशैली बनी विवाद की वजह
अंजली महंगे कपड़े, मोबाइल और घूमने की शौकीन थी। जबकि उदय सीमित आय में जीवन यापन कर रहा था। कुछ साल पहले उदय ने रणधीर को अपने घर बुलाया था। वहीं से अंजली और रणधीर के बीच संबंध बनने लगे। अंजली की चाहत महंगे जीवन की थी और रणधीर उसे यह सुविधा देने लगा। इससे उदय की वैवाहिक जिंदगी में दरार आई।
नैनीताल ट्रिप ने बढ़ाई दूरी
20 जून से 1 जुलाई तक नैनीताल की यात्रा के दौरान उदय को पत्नी के अवैध संबंधों के प्रमाण मिले। उसने वीडियो और तस्वीरें भी बनाईं। वहीं राम सिंह ने भी संबंध होते देखे। यात्रा के बाद दोनों के बीच खुली दुश्मनी हो गई। 2 जुलाई को विवाद बढ़ा और मारपीट तक की नौबत आई।
11 जुलाई को अंजली की संदिग्ध मौत
नैनीताल ट्रिप के बाद घर में विवाद बढ़ा। 11 जुलाई को अंजली की संदिग्ध मौत हुई। पुलिस जांच कर रही है कि क्या उदय ने पत्नी की हत्या की थी। अंतिम संस्कार और तेरहवीं विधि-विधान से कर उदय ने खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश की थी।
हत्या की योजना: 3 लेवल पर रची साजिश
उदय ने रणधीर की हत्या की योजना तीन स्तर पर बनाई थी:
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शव को रेलवे ट्रैक तक ले जाना।
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50 हजार में दो युवकों से सिर कुचलवाने का ठेका।
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चित्रकूट जाकर शव जलाने की योजना।
हालांकि, योजना में बदलाव हुआ जब उदय ने रणधीर का मोबाइल देखा और नशे में लाश छोड़ दी।
पुलिस को मिली CCTV फुटेज
22 अगस्त की रात रणधीर और राम सिंह को एक होटल के बाहर गाड़ी में बैठे देखा गया। यह वीडियो हत्या से पहले की आखिरी झलक है। परिवार ने पुष्टि की कि गाड़ी में बैठे व्यक्ति रणधीर ही थे।
पत्नी की मौत पर सिंदूर लगाकर रोया था
उदय ने पत्नी की मौत पर सिंदूर लगाकर खूब रोया। इंस्टाग्राम पर इसका वीडियो सामने आया। इसमें वह पत्नी अंजली की लाश से लिपटकर बिलख रहा था। उसने अंतिम संस्कार से लेकर शांति पाठ तक सब कुछ हिंदू रीति-रिवाज से किया।



