सनसनीखेज: यूपी में बड़े BJP नेता के मारीं 50 गोलियां, मौत.. रास्ते में हुआ हमला, हत्यारे के दोनों हाथों में थीं पिस्टल!

मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र के भड़ौली गांव में शनिवार सुबह स्थानीय भाजपा के बीडीसी सदस्य प्रमोद भड़ाना (32) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के समय वह अपनी बुग्गी से चारा लेकर जा रहे थे। हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की; प्रमोद को 3 गोलियां लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हमलावर फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
घटना का समय-स्थान और शुरुआती ब्योरा
स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना शनिवार सुबह करीब 8 बजे हुई, जब प्रमोद भड़ौली और असीलपुर के बीच रास्ते पर थे। अचानक गन्ने के खेत से एक व्यक्ति निकला और दोनों हाथों में पिस्तौल लिए फायरिंग शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि कम से कम तीन गोलियां प्रमोद पर लगीं; दो गोलियां उनकी भैंस पर भी लगीं और भैंसा घायल हुआ। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से भाग निकले।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया और मौके पर अफरा-तफरी
फायरिंग की आवाज सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे लोग घटना स्थल पर पहुंचे और देखा कि प्रमोद खून से लथपथ पड़े हैं। तुरंत ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची थानाध्यक्षी और दूसरी टीमों ने शरीर पर पड़े गोले और घटना स्थल से सबूत जुटाना शुरू कर दिया।
गांव का ही युवक कथित रूप से हमलावर
पीड़ित के चाचा बिरम सिंह ने आरोप लगाया है कि यह वारदात गांव के ही एक युवक रॉबिन ने की, जिसने करीब 50 से अधिक राउंड फायर किए। चाचा के अनुसार रॉबिन चार दिन पहले भी कहीं गोली चला चुका था और प्रमोद ने उस पर शिकायत दर्ज करवाई थी। इसीलिए मामले की पृष्ठभूमि पर भी संदेह हो रहा है।
‘भाई के हत्यारों का एनकाउंटर होना चाहिए’
हत्या के बाद प्रमोद के भाई पप्पू भड़ाना (कृष्ण कुमार) ने आक्रोश जताते हुए कहा कि उनकी मांग है कि आरोपियों के साथ सख्त कार्रवाई हो और “एनकाउंटर” कर के दोषियों को नष्ट किया जाए। उन्होंने बताया कि घटना में कई बार गोली चली और गांव के प्रधान के घर पर भी फायरिंग हुई; डेरी पर भी हमला हुआ। परिवार का रोष लोकल माहौल में देखा जा रहा है।
पुलिस की स्थिति और जांच की दिशा
सूचना मिलते ही दो थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी। अभी तक कोई आधिकारिक गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। पुलिस ने कहा कि मामले की पूरी छानबीन की जा रही है — फॉरेंसिक टीम, साक्ष्य, सीसीटीवी और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। प्राथमिकी में किस धाराओं के तहत कार्रवाई हुई, यह अभी स्थानीय पुलिस रिपोर्ट में दर्ज होगा।
BJP से कनेक्शन
प्रमोद पेशे से किसान थे और वर्तमान में भाजपा के बीडीसी सदस्य के पद पर थे; साथ ही वे भाजपा युवा समिति के मंडल उपाध्यक्ष भी रहे हैं। उनका स्थानीय राजनीतिक जुड़ाव और पद-स्थिति इस हत्याकांड को संवेदनशील बनाती है और स्थानीय राजनीति में तनाव बढ़ा सकती है।
आगे की प्रक्रिया
घटना के कारण इलाके में भय व्याप्त है; ग्रामीणों ने सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के बाद ही वह ठोस कार्रवाई करेगी। विशेषज्ञों और कानूनी परिप्रेक्ष्य से कहा जा सकता है कि परिवार की ‘एनकाउंटर’ की मांग पर भी कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई होगी — अनियंत्रित जवाबी हिंसा की जगह कानूनी प्रक्रिया और त्वरित गिरफ्तारी आवश्यक है।



