महाराष्ट्र की म्हसला नगर पंचायत में हुआ बड़ा सियासी उलटफेर
कांग्रेस के समर्थन से म्हसला नगर पंचायत में लहराया शिंदे गुट का भगवा एनसीपी को लगा बड़ा झटका, शाहिद जंजीरकर बने नए नगराध्यक्ष रायगढ़ की राजनीति में स्थानीय समीकरणों ने बदला सत्ता का पूरा खेल

Maharashtra news: रायगढ़ जिले की म्हसला नगर पंचायत से एक ऐसी खबर आई है जिसने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। लंबे समय से कांग्रेस के प्रभाव वाली इस पंचायत की सत्ता अब बदल गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कांग्रेस ने खुद सत्ता न संभालकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन दे दिया है। इस अप्रत्याशित साथ की वजह से शिंदे गुट ने नगर पंचायत पर अपना कब्जा जमा लिया और भगवा लहरा दिया।
नगराध्यक्ष चुनाव का रोमांचक समीकरण
हाल ही में हुई एक विशेष बैठक के दौरान नगराध्यक्ष पद के लिए वोटिंग कराई गई। 17 सदस्यों वाली इस नगर पंचायत में शिंदे गुट के उम्मीदवार शाहिद जंजीरकर को 9 वोट मिले और उन्होंने शानदार जीत दर्ज की। उनके मुकाबले एनसीपी के उम्मीदवार सुनील शेडगे को केवल 6 वोटों से संतोष करना पड़ा। मतदान के दौरान एक नगरसेवक गैरहाजिर रहा। इस चुनाव परिणाम ने साबित कर दिया कि स्थानीय स्तर पर समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
Maharashtra news: महीनों की सियासी उठापटक का नतीजा
यह बदलाव रातों-रात नहीं हुआ बल्कि इसके पीछे लंबी प्लानिंग थी। दिसंबर 2025 में हुए नगर परिषद चुनाव के बाद खेल तब बदला जब एनसीपी के सात नगरसेवक पाला बदलकर शिंदे गुट में शामिल हो गए। इसके बाद एनसीपी ने कानूनी लड़ाई लड़ी और जनवरी 2026 में रायगढ़ जिलाधिकारी ने उन सातों को अयोग्य करार दे दिया। उस वक्त लगा कि शिंदे गुट कमजोर पड़ गया है, लेकिन कांग्रेस के तीन नगरसेवकों के समर्थन ने पूरा पासा पलट दिया और शिंदे गुट का आंकड़ा बहुमत के लिए जरूरी 9 तक पहुंच गया।
Maharashtra news: नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज
सत्ता के इस नए समीकरण ने राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है। उद्धव गुट के नेता अरविंद सावंत ने तंज कसते हुए पूछा है कि जिस कांग्रेस के विरोध का बहाना बनाकर शिंदे ने बगावत की थी, आज उसी का साथ उन्हें कैसे मंजूर है? वहीं शिंदे गुट की मनीषा कायंदे ने जवाब दिया कि उद्धव ठाकरे ने ही सबसे पहले कांग्रेस से हाथ मिलाया था। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह कोई बड़ा गठबंधन नहीं बल्कि स्थानीय विकास के लिए मिला समर्थन है।
कांग्रेस नेतृत्व की इस पर सफाई
Maharashtra news: इस पूरे मामले पर कांग्रेस के बड़े नेताओं ने हैरानी जताई है। पार्टी नेता हर्षवर्धन सपकाल का कहना है कि यह फैसला स्थानीय नेताओं ने अपने स्तर पर लिया है और कांग्रेस आधिकारिक तौर पर शिंदे गुट के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि बिना अनुमति समर्थन देने वाले नेताओं पर कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल रायगढ़ की इस छोटी सी नगर पंचायत ने महाराष्ट्र की बड़ी राजनीति को आने वाले नए गठबंधनों का संकेत जरूर दे दिया है।
यह भी पढ़ें: ईरान का बड़ा दांव, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर लगेगा टोल टैक्स



