LPG सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, टैंकर का रूट बदला
वाइजैग रूट से तेज होगी LPG सप्लाई, सरकार का बड़ा फैसला पश्चिम एशिया तनाव के बीच गैस टैंकरों को मिली प्राथमिकता PNG कनेक्शन बढ़ाकर सप्लाई संकट से निपटने की तैयारी

देश में रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को तेज करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 47 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे “पाइन” गैस टैंकर का रूट बदल दिया गया है। पहले यह जहाज न्यू मंगलौर और फिर ओडिशा के धामरा पोर्ट जाने वाला था, लेकिन अब इसे सीधे विशाखापत्तनम (वाइजैग) भेजा जा रहा है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि गैस को जल्दी उतारकर देश के अलग-अलग हिस्सों में तेजी से पहुंचाया जा सके। पूर्वी तट के इस रूट से समय की भी बचत हो रही है।
वाइजैग पहुंचेगा टैंकर, जल्द शुरू होगी सप्लाई
वाइजैग पोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, यह LPG टैंकर गुरुवार तक पोर्ट पहुंच जाएगा। यह 227 मीटर लंबा रेफ्रिजरेटेड जहाज फारस की खाड़ी से आया है और “जग वसंत” नाम के दूसरे टैंकर के साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है। जहां “जग वसंत” पहले ही गुजरात के वाडीनार पोर्ट पहुंच गया था, वहीं “पाइन” टैंकर को पूर्वी तट तक पहुंचने में ज्यादा समय लग रहा था।
पाइन टैंकर को क्यों हुई देरी?
“पाइन” टैंकर 28 मार्च को वाडीनार पहुंच गया था, लेकिन वहां से पूर्वी भारत तक आने के लिए इसे देश के दक्षिणी हिस्से का लंबा चक्कर लगाकर बंगाल की खाड़ी तक पहुंचना पड़ा। अगर इसे ओडिशा के धामरा पोर्ट भेजा जाता, तो और ज्यादा समय लगता। इसलिए अब इसे वाइजैग में ही खाली करने का फैसला लिया गया है। यहां से LPG को सड़क मार्ग के जरिए देशभर में भेजा जाएगा।
पश्चिम एशिया के तनाव का असर
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध की वजह से गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। इसी कारण भारत सरकार LPG टैंकरों को प्राथमिकता दे रही है ताकि घरेलू जरूरतों पर असर न पड़े।
सरकार का फोकस अब PNG कनेक्शन पर
LPG सप्लाई में आई दिक्कतों के बीच सरकार पाइप से मिलने वाली गैस (PNG) पर भी तेजी से काम कर रही है। मार्च में: 3.1 लाख से ज्यादा कनेक्शन में गैस सप्लाई शुरू की गई, 2.7 लाख नए PNG कनेक्शन जोड़े गए, सरकार ने शहरी गैस कंपनियों को निर्देश दिया है कि छात्रावास, कैंटीन और सामुदायिक रसोई जैसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाए।
ईंधन की कमी नहीं, सरकार ने दिया भरोसा
सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। प्राकृतिक गैस की सप्लाई में: घरों और CNG को प्राथमिकता दी जा रही है, उद्योगों को उनकी जरूरत का लगभग 80% गैस दिया जा रहा है।



