Cyber Crime: कानपुर के दो कमरों में 20 lakh/day की कमाई, कुल 50 करोड़ से ज्यादा ठगे.. 150 कर्मचारी !

कानपुर में एक MBA पास युवक ने कॉल सेंटर बनाकर देश-विदेश के कारोबारियों से करोड़ों की ठगी करने वाला बड़ा गैंग चलाया। यह कॉल सेंटर 150 से ज्यादा कर्मचारियों के साथ काम कर रहा था और हर महीने 50 लाख रुपए से अधिक सैलरी दी जा रही थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से गैंग का पर्दाफाश हुआ और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
दिल्ली की नौकरी छोड़ कानपुर में बनाई थी कॉल सेंटर कंपनी
DCP क्राइम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि सिविल लाइंस स्थित ग्रीनपार्क सिक्का चौराहा के सामने एक मकान की फर्स्ट और सेकेंड फ्लोर पर ठगी का कॉल सेंटर चल रहा था। कंपनी का नाम Webixy Technologies Private Limited और Global Trade Plaza था।
कंपनी में काम करने वाले जितेंद्र कुमार ने कॉल सेंटर की शिकायत पुलिस को दी। क्राइम ब्रांच ने छापेमारी कर मालिक पुलकित द्विवेदी और अन्य कर्मचारियों को हिरासत में लिया।
MBA करने के बाद ठगी का बड़ा नेटवर्क तैयार किया
पुलिस पूछताछ में संचालक पुलकित द्विवेदी ने बताया कि वह पहले दिल्ली में किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता था और MBA करने मुंबई गया था। पढ़ाई पूरी होने के बाद कानपुर लौटकर उसने अपने मित्र सत्यकांत साहू के साथ मिलकर 2020 में Webixy Technologies Private Limited और Global Trade Plaza शुरू की।
उन्होंने ओपन सोर्स साइटों से लोगों का डाटा निकाला और देश-विदेश के उद्योगपतियों को बड़े ऑर्डर और इंटरनेशनल पहचान दिलाने के झांसे में पैसों की ठगी शुरू की। अमेरिका, थाईलैंड, इंग्लैंड, इंडोनेशिया और म्यांमार के कारोबारी भी इनके शिकार बने।
रोजाना 10 से 20 लाख रुपए की ठगी
जांच में सामने आया कि कंपनी रोजाना 10 से 20 लाख रुपए की ठगी कर रही थी। अब तक अनुमान है कि यह गैंग 50 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी कर चुका है। पुलिस का मानना है कि यह आंकड़ा और भी अधिक हो सकता है।
कारोबारियों से ठगी का तरीका
पुलकित और उसके साथी पुनीत द्विवेदी अलग-अलग माध्यम से कारोबारियों की लिस्ट हासिल करते थे। सबसे पहले 60 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन फीस लेते और फिर ट्रेड लेटर और बड़े ऑर्डर के नाम पर 4 लाख रुपए तक वसूलते। इस तरह अलग-अलग कस्टमरों से लगातार पैसे ऐंठे जाते थे।
कॉल सेंटर में सख्त गाइडलाइन, कर्मचारी एक-दूसरे से बात भी नहीं करते थे
कंपनी में नए कर्मचारियों से 1 से 4 साल का एग्रीमेंट कराया जाता था। कर्मचारियों को अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया था और किसी को भी दूसरे ग्रुप से संपर्क करने की अनुमति नहीं थी। यही कारण था कि बाहर वालों को पता नहीं चल पाया कि पुलकित द्विवेदी रातों-रात करोड़पति बन गया।
बैंक खातों में फ्रीज हुए 4.5 करोड़
ठगी की शिकायत 12 अगस्त को ग्वालटोली थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए कॉल सेंटर संचालक पुलकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके छह बैंक खातों में 4.5 करोड़ रुपए फ्रीज कर दिए हैं। वहीं, उसके पार्टनर सत्यकांत साहू समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।



