JNU में फिर बवाल, ABVP और वामपंथी छात्रों के बीच झड़प, कई घायल
जेएनयू कैंपस में एबीवीपी और वामपंथी छात्रों के बीच हिंसक झड़प, कई घायल प्रतीक भारद्वाज पर हमले का आरोप, दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप-प्रत्यारोप कैंपस में बढ़ा तनाव, निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग तेज

Delhi news: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर छात्र राजनीति को लेकर हिंसक टकराव का केंद्र बन गया है। सोमवार सुबह कैंपस में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हुई झड़प में कई छात्रों के घायल होने की खबर है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले और पत्थरबाजी के आरोप लगा रहे हैं।
ABVP नेता पर हमले का आरोप
ABVP ने दावा किया है कि स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के छात्र प्रतीक भारद्वाज पर वामपंथी समूह के छात्रों ने हमला किया। संगठन के अनुसार, पहले उनकी आंखों में फायर एक्सटिंगुइशर का पाउडर डाला गया और फिर उन्हें बेरहमी से पीटा गया। यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान एक सिलेंडर खोला गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। घायल छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। ABVP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि वीडियो में वामपंथी छात्र पत्थर और लाठी लेकर घूमते नजर आ रहे हैं। संगठन का आरोप है कि जब उनकी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग शुरू की गई तो वे मौके से भागने लगे।
वामपंथी संगठनों का पलटवार
वहीं, वामपंथी छात्र संगठनों का आरोप है कि ABVP ने ‘समानता मार्च’ पर हमला किया। यह मार्च कुलपति के कथित जातिवादी बयान और छात्रसंघ के मौजूदा व पूर्व अध्यक्ष के निष्कासन के विरोध में निकाला गया था।
JNUSU ने बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस
जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) ने इस मामले पर अपनी बात रखने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। छात्रसंघ का कहना है कि ABVP ने इक्वालिटी मार्च को निशाना बनाकर हिंसा की। मार्च का उद्देश्य दलित समुदाय और UGC इक्विटी रेगुलेशंस से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराना था।
पत्थरबाजी और लाइब्रेरी में घुसकर मारपीट के आरोप
ABVP का कहना है कि वामपंथी छात्र स्कूल परिसर में ताला लगाने की कोशिश कर रहे थे, जिसका कुछ छात्रों ने विरोध किया। इसके बाद स्थिति हिंसक हो गई और पत्थरबाजी शुरू हो गई। संगठन का यह भी आरोप है कि लाइब्रेरी और रीडिंग रूम में पढ़ रहे छात्रों को निशाना बनाया गया। यहां तक कि कुछ छात्रों के वाशरूम में छिपने पर वहां भी फायर एक्सटिंगुइशर का इस्तेमाल किया गया।
कार्रवाई की मांग
दोनों संगठनों ने एक-दूसरे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ABVP ने कहा है कि छात्र राजनीति के नाम पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न किया जाए। संगठन ने JNUSU से अपील की है कि आंदोलन प्रशासन के खिलाफ किया जाए, न कि छात्रों की पढ़ाई बाधित कर। फिलहाल कैंपस में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।



