Shocking: एक छिपकली ने उड़ा दी 17 हजार घरों की बिजली, उत्तराखंड में विद्युत् कर्मचारियों ने पकड़ा माथा!

उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में गुरुवार सुबह एक छिपकली ने पूरा शहर अंधेरे में डुबो दिया।
जी हाँ, आपने सही सुना — ये कोई बिजली माफिया नहीं, बल्कि एक ‘बेवकूफ़ी में बहादुर’ छिपकली थी जो बिजलीघर के कठघरिया सबस्टेशन में पैनल के भीतर जा घुसी। जैसे ही उसने तारों को छुआ, “धड़ाम” की आवाज़ आई और पैनल में ब्लास्ट हो गया। नतीजा — 17 हजार घरों की बिजली एक झटके में गुल!
तीन घंटे तक लोगों ने मोबाइल चार्जर और मच्छर भगाने वाले कॉइल के साथ रिश्ते सुधारने का मौका पाया।
उर्जा निगम की टीम एक्टिव — पसीना छुड़ाया, बिजली दोबारा जगमगाई
ब्लास्ट की खबर मिलते ही उर्जा निगम के इंजीनियर और कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
पैनल के तार जल चुके थे, इसलिए मरम्मत टीम को पसीना आ गया।
करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई।
उपखंड अधिकारी बी.बी. जोशी ने बताया कि पैनल में छिपकली के फंसने से शॉर्ट सर्किट हुआ था, जिसके चलते पूरा सिस्टम ठप हो गया।
इसी बीच, कई इलाकों में पानी की सप्लाई भी रुक गई — क्योंकि ट्यूबवेल भी बिजली से चल रहे थे।
कई इलाकों में डबल झटका — मेंटेनेंस के नाम पर भी बिजली बंद
छिपकली की करतूत से बिजली गई ही थी, ऊपर से मेंटेनेंस वर्क का तड़का भी लग गया।
टीपीनगर, कमलुवा गाजा, कठघरिया और धौलाखेड़ा जैसे इलाकों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सप्लाई बंद रही।
यानी जनता के लिए ये दिन “बिजली रहित गुरुवार” बन गया — बिना फैन, बिना कूलर और बिना वाई-फाई के।
छिपकली की कहानी में बड़ा सबक — बिजली व्यवस्था की ‘कमज़ोरी’ उजागर
ये वाकया भले ही सुनने में मज़ेदार लगे, लेकिन सवाल बड़ा है — अगर एक छिपकली पूरे शहर को अंधेरे में डाल सकती है, तो बिजली व्यवस्था कितनी संवेदनशील है?
छिपकली तो गई, मगर बिजली विभाग के सिस्टम में झटका छोड़ गई।
लोग अब मज़ाक में कह रहे हैं — “अगली बार बिजली जाए तो पहले दीवार देखो, कहीं वो ‘छिपकली रानी’ तो नहीं आई!”



