बड़ा राजनीतिक धमाका! गुजरात सरकार के सभी 16 BJP मंत्रियों ने दिया इस्तीफा, भाजपा में हड़कंप.. अमित शाह पहुंचेंगे!

गुजरात की राजनीति में गुरुवार को बड़ा उलटफेर हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार के सभी मंत्रियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री पटेल कुछ देर में राज्यपाल देवव्रत आचार्य को मंत्रियों के इस्तीफे सौंपेंगे। शुक्रवार को गांधीनगर में सुबह 11.30 बजे नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह होगा।

आधे मंत्री बदले जा सकते हैं, 8 नए चेहरे शामिल होने की संभावना

गुजरात की मौजूदा कैबिनेट में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत 17 मंत्री हैं — जिनमें 8 कैबिनेट मंत्री और 8 राज्य मंत्री (MoS) शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, 16 में से 8 मंत्रियों को बदला जा सकता है।
नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर गांधीनगर में हलचल तेज है। भाजपा के सभी विधायकों और मंत्रियों को दो दिनों तक गांधीनगर में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिन विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिलनी है, उन्हें फोन पर सूचना दे दी गई है।

अमित शाह और जेपी नड्डा रहेंगे शपथ समारोह में मौजूद

शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के केंद्रीय नेता अमित शाह और जेपी नड्डा की उपस्थिति तय है।
अमित शाह गुरुवार रात करीब 9 बजे गुजरात पहुंचेंगे, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार सुबह गांधीनगर पहुंचेंगे।
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सुनील बंसल भी आज गुजरात पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मुंबई से लौटकर रात 8 बजे अपने आवास पर वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसी बैठक में मंत्रियों के इस्तीफे लेकर राज्यपाल को नए मंत्रियों की सूची सौंपी जाएगी।

कांग्रेस से आए नेताओं को मिल सकता है मौका

सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस बार अपने मंत्रिमंडल में कांग्रेस से आए नेताओं को भी शामिल कर सकती है।
नए चेहरों में अर्जुन मोढवाड़िया, अल्पेश ठाकोर, सी.जे. चावड़ा और हार्दिक पटेल के नाम चर्चा में हैं।
सौराष्ट्र से जयेश रादडिया और जीतू वाघानी को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलना तय माना जा रहा है।
भाजपा खास तौर पर पाटीदार समुदाय और ठाकोर वर्ग को नए मंत्रिमंडल में वरीयता देने की रणनीति पर काम कर रही है।

इन मंत्रियों की छुट्टी तय मानी जा रही है

राज्य के जिन मंत्रियों को हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है, उनमें शामिल हैं —
पुरुषोत्तम सोलंकी (मत्स्य पालन व पशुपालन मंत्री), बच्चूभाई खाबर (पंचायत मंत्री), मुकेश पटेल (वन एवं पर्यावरण मंत्री), भीखूसिंह परमार (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री) और कुंवरजी हलपति (आदिवासी विकास मंत्री)

2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम 2027 में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत उठाया गया है।
2022 में भूपेंद्र पटेल को फिर से मुख्यमंत्री बनाया गया था, और तब से तीन वर्षों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ था। भाजपा आलाकमान अब नए चेहरों और ऊर्जा के साथ चुनावी जमीनी रणनीति पर काम करना चाहता है।

विसावदर उपचुनाव और सत्ता विरोधी लहर भी बनी वजह

हाल ही में हुए विसावदर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को आम आदमी पार्टी के गोपाल इटालिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
इस हार ने भाजपा आलाकमान को झटका दिया, जिसके बाद यह तय किया गया कि सरकार और संगठन दोनों में बदलाव जरूरी हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, भाजपा पुराने दिग्गजों को दोबारा अहम भूमिका में लाने की भी तैयारी कर रही है, ताकि सत्ता विरोधी लहर का असर कम किया जा सके।

मोदी की नीति: ‘सुधारात्मक बदलाव ही समाधान’

गुजरात में यह भाजपा की परंपरागत रणनीति रही है कि सत्ता विरोधी रुझान दिखते ही सरकार में बड़ा बदलाव किया जाए।
नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के बाद से ही गुजरात में कई बार अचानक मंत्रिमंडल बदला गया —
आनंदीबेन पटेल, विजय रूपाणी और अब भूपेंद्र पटेल की सरकार में यह सिलसिला जारी है।
भाजपा का मानना है कि “कुछ लोगों की वजह से पार्टी की छवि खराब होने देने के बजाय सुधारात्मक कदम उठाना ही बेहतर है।”
जनवरी 2026 में होने वाले नगर पंचायत चुनावों से पहले यह फेरबदल भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।

चार साल पहले भी बदली थी पूरी सरकार

2021 में भी भाजपा आलाकमान ने तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उनकी पूरी कैबिनेट को अचानक बदल दिया था।
इसके बाद भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया था, जिनके नेतृत्व में भाजपा ने 2022 विधानसभा चुनावों में 156 सीटें जीतकर रिकॉर्ड बनाया।
अब तीन साल बाद फिर से सरकार में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

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